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    भारत के वे प्रसिद्ध शिव मंदिर, जहां स्थापित हैं नंदी महाराज की सबसे विशाल मूर्तियां

    Updated: Sat, 20 Jun 2026 01:00 PM (IST)

    भारत के सात सबसे बड़े नंदी प्रतिमाओं वाले मंदिर, जो भगवान शिव के वाहन नंदी की विशाल मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं। ...और पढ़ें

    भारत की 7 सबसे बड़ी नंदी से जुड़ी प्रतिमाएं

    भारत की 7 सबसे बड़ी नंदी से जुड़ी प्रतिमाएं

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान शिव के परम भक्त और वाहन महाराज नंदी महादेव के सबसे करीबी गणों में से एक हैं। प्रत्येक शिव मंदिर में भगवान शिव के साथ नंदी भी विराजते हैं, जो उनकी अटूट भक्ति और समर्पण का प्रतीक है।

    कहा जाता है कि, भगवान शिव को खुश करना है, तो सबसे पहले आपको नंदी महाराज को प्रसन्न करना होगा। आज हम आपको भगवान भोलेनाथ की सवारी नंदी महाराज से जुड़े उन मंदिरों के बारे में बताएंगे, जहां उनकी सबसे बड़ी मूर्तियां स्थापित हैं।

    महानंदीश्वर स्वामी मंदिर

    आंध्र प्रदेश के कुरनूल में महानंदीश्वर स्वामी मंदिर जो नल्लामाला पहाड़ियों के पीछे एक गांव में स्थित है। यह मंदिर अपनी दक्षिणी वास्तुकला के साथ ताजे पानी के पूल के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसे स्थानीय भाषा में कल्याणी के नाम से जाना जाता है। मंदिर में विशाल नंदी महाराज की मूर्ति स्थापित है।

    लेपाक्षी मंदिर

    आंध्र प्रदेश में स्थित लेपाक्षी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर परिसर में ग्रेनाइट पत्थरों से बनी विशालकाय नंदी महाराज की मूर्ति जो 27 फीट लंबी और 15 फीट की ऊंचाई है। लेपाक्षी मंदिर में मौजूद नंदी महाराज की मूर्ति को दुनिया की सबसे बड़ी नंदी प्रतिमाओं में शामिल किया जाता है।

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    बृहदीश्वर मंदिर

    चोल काल की द्रविड़ वास्तुकला पर आधारित बृहदेश्वर मंदिर, जो तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित है। भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में उन्हें एक विशाल लिंगम के रूप में दर्शाया गया है। मंदिर की सबसे खास बातों में एक भगवान शिव के साथ पवित्र बैल नंदी की भी भव्य मूर्ति, जो 13 फीट ऊंची और 16 फीट चौड़ी है। नंदी महाराज की इस विशाल प्रतिमा को एक ही चट्टान से उकेरा गया है।

    चामुंडी हिल्स का नंदी

    कर्नाटक के मैसूर में चामुंडी पहाड़ियों पर बसा है चामुंडी मंदिर, जो भगवान शिव को पूर्ण रूप से समर्पित है। चामुंडी पहाड़ियों की चोटी पर बसा नंदी की यह विशाल प्रतिमा करीब 16 फीट ऊंची और 24 फीट लंबी है, जो भारत की तीसरी सबसे बड़ी नंदी प्रतिमाओं में शामिल है। इस विशाल मूर्ति का निर्माण डोड्डा देवराज वोडेयार ने कराया था।

    बुल टेंपल

    कर्नाटक राज्य की राजधानी बेंगलुरु में स्थित बैल मंदिर, जो भगवान शिव के वाहन और पवित्र बैल नंदी महाराज को समर्पित है। यह मंदिर नंदी की बड़ी प्रतिमा के लिए काफी प्रसिद्ध है, जिसे ग्रेनाइट के चट्टानों को काट कर तराशा गया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि, मंदिर में मौजूद नंदी महाराज की प्रतिमा आकार में बढ़ती जा रही है। मंदिर में स्थापित बुल की मूर्ति करीब 20 फीट ऊंची है।

    यागंती का नंदी

    आंध्र प्रदेश के यागंती मंदिर अपनी रहस्यमयी नंदी महाराज की मूर्ति के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि, इसका बढ़ता ही जा रहा है। यागंती मंदिर का निर्माण 15वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य के संगम वंश के राजा हरिहर बुक्का राय ने कराया था। मंदिर में स्थापित नंदी महाराज की प्रतिमा का आकार 10 फीट से 15 फीट के बीच बताया जाता है।

    गंगईकोंड चोलपुरम के नंदी

    तमिलनाडु का गंगईकोंड चोलपुरम मंदिर अपनी भव्यता और भगवान शिव की पूजा के लिए जाना जाता है। मंदिर के मुख्य द्वार पर भगवान शिव का वाहन नंदी विराजमान है। यह मूर्ति चोल वास्तुकला का साक्षात प्रमाण है। मंदिर में स्थापित इस नंदी प्रतिमा की ऊंचाई 13 फीट बताई जाती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।