सावन सोमवार पूजा 2026: शुभ मुहूर्त, आवश्यक सामग्री और महादेव को प्रसन्न करने के आसान उपाय
Sawan Somwar 2026: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। पहले सोमवार पर भगवान शिव की पूजा के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं। ...और पढ़ें

सावन के पहले सोमवार पर कैसे करें पूजा? (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। देवों के देव महादेव को समर्पित पवित्र सावन का महीना शुरू हो चुका है। इस साल सावन का पहला सोमवार बहुत ही खास संयोग लेकर आया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में भोलेनाथ की सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अगर आप भी महादेव की कृपा पाना चाहते हैं, तो पहले सावन सोमवार पर विधि-विधान से पूजा जरूर करें।
पहले सोमवार पर इस शुभ मुहूर्त पर करें पूजा
सावन के पहले सोमवार (Sawan Somwar 2026) पर भगवान शिव की पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार इस समय पूजा कर सकते हैं:
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक
अमृत काल: शाम 05 बजकर 07 मिनट से शाम 06 बजकर 45 मिनट तक
आवश्यक पूजा सामग्री लिस्ट
शिवलिंग की पूजा बहुत ही सरल और सहज मानी जाती है। पूजा के दौरान इन चीजों को अवश्य शामिल करें:
- गाय का कच्चा दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल (पंचामृत के लिए)
- बेलपत्र (ध्यान रखें कि बेलपत्र कटा-फटा न हो)
- धतूरा, भांग और शमी के पत्ते
- सफेद आंकड़े के फूल और चंदन
- अक्षत (सासाबुत चावल)
- रोली, कलावा, जनेऊ और भस्म
- धूप, दीप, कपूर और माचिस
- फल (विशेषकर ऋतुफल जैसे केला) और मिठाई (भोग के लिए)
महादेव को प्रसन्न करने के आसान उपाय
अगर आप जीवन में आ रही परेशानियों से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो सावन के पहले सोमवार पर ये छोटे-छोटे उपाय जरूर करें:
- शिवलिंग पर 11 या 21 बेलपत्र अर्पित करें। हर बेलपत्र पर चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर चढ़ाने से विशेष लाभ मिलता है।
- तांबे के लोटे में जल और थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते हुए शिवलिंग पर धारा दें।
- सावन सोमवार के दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या फल का दान करें। इससे भोलेनाथ के साथ माता पार्वती का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- इस साल सावन का पहला सोमवार विशेष योग में आ रहा है, जो पूजा के लिए अत्यंत फलदायी है।
- पूजा में बेलपत्र, कच्चा दूध, धतूरा और गंगाजल का होना जरूरी माना गया है।
- ब्रह्म मुहूर्त और प्रदोष काल में की गई शिव पूजा का कई गुना अधिक फल मिलता है।
- सच्चे मन से 'ॐ नमः शिवाय' का जप करने मात्र से महादेव प्रसन्न हो जाते हैं।
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