आज मनाया जा रहा है गंगा दशहरा, इस मुहूर्त में करें स्नान और दान, पापों से मिलेगी मुक्ति
आज गंगा दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है, जो मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है। इस दिन गंगा स्नान, पूजा और दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और ...और पढ़ें

गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व (AI Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 25 मई को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुईं थीं। इसलिए इस दिन गंगा दशहरा बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान और पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और और शुभ फल मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।
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गंगा दशहरा 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Ganga Dussehra 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार गंगा दशहरा 25 मई को मनाया जाएगा।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत-25 मई को सुबह 04 बजकर 30 मिनट पर
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का समापन- 26 मई को सुबह 05 बजकर 10 मिनट पर
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक
अमृत काल: रात्रि 08 बजकर 33 मिनट से रात्रि 10 बजकर 14 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त: 04 बजकर 04 मिनट से 04 बजकर 45 मिनट तक
विजय मुहूर्त: 02 बजकर 36 मिनट से 03 बजकर 31 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: 07 बजकर 09 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक
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गंगा दशहरा पूजा विधि (Ganga Dussehra Puja Vidhi)
- गंगा दशहरा के दिन ब्रह्म मुहूर्त स्नान करें।
- इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- मंदिर की सफाई करें और घी का दीपक जलाएं।
- इस दौरान मां गंगा की आरती करें।
- मंत्रों का जप करें।
- गंगा दशहरा कथा का पाठ करें।
- अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
गंगा दशहरा के दिन ध्यान रखें ये बातें
- गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करना चाहिए।
- अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं, तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
- पूजा के दौरान श्री गंगा स्तोत्र और मंत्रों का जप करें।
- इस दिन 10 चीजों का दान करने का विशेष महत्त्व है। इससे धन लाभ के योग बनते हैं और मां गंगा की कृपा प्राप्त होती है।
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