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    गंगा दशहरा के दिन इन गलतियों को करने से छिन जाएगी सुख-शांति! पढ़ें क्या करें और क्या न करें?

    Updated: Sun, 24 May 2026 04:00 PM (IST)

    25 मई को गंगा दशहरा मनाया जाएगा, जब मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। इस दिन गंगा स्नान, दान और शिव पूजा का विशेष महत्व है, लेकिन कुछ गलतियों से बचना च ...और पढ़ें

    गंगा दशहरा के नियम (AI Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 25 मई को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मां गंगा के स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुईं थीं। इसलिए इस दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। इस खास अवसर गंगा स्नान और दान करने का अधिक महत्व है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, गंगा दशहरा पर गंगा स्नान और पूजा-अर्चना करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन कुछ गलतियों को करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है और जीवन में अशांति बनी रहती है, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि गंगा दशहरा के दिन क्या करें और क्या न करें?

    Ganga Dussehra  (4)

    (AI Generated Image)  

    गंगा दशहरा के दिन क्या करें?

    गंगा स्नान- गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदी में स्नान करें। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो घर पर नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल डालकर स्नान करें।
    जरूर करें दान- गंगा दशहरा के दिन दान करने का अधिक महत्व है। इस दिन पूजा-अर्चना करने के बाद मिट्टी का मटका, सत्तू, छाता समेत आदि चीजों का दान करें। ऐसा करने से धन लाभ के योग बनते हैं।
    मंत्र जाप और शिव पूजा- गंगा दशहरा के दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से होकर धरती पर आईं थीं। इसलिए इस दिन महादेव की पूजा- अर्चना जरूर करनी चाहिए। शिवलिंग का जलाभिषेक जरूर करें।
    दीपदान- इस दिन पवित्र नदी में दीपदान जरूर करें। इस दौरान मां गंगा के मंत्रों का जप करें।
    पितृ तर्पण- इस दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए तर्पण करना चाहिए।

    गंगा दशहरा के दिन क्या न करें

    नदी को प्रदूषित न करें- गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करते समय पूजा की बची हुई सामग्री को पवित्र नदी में न डालें। इससे नदी प्रदूषित होगी।
    तामसिक भोजन से परहेज- गंगा दशहरा के दिन भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन न करें।
    क्रोध और अपशब्द- इसके अलावा इस दिन किसी पर क्रोध न करें और किसी से बातचीत के दौरान अपशब्द न कहें।
    न करें अपमान- इस दिन बड़े बुर्जुगों और महिलाओं का अपमान न करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।