गंगा दशहरा पर क्यों माना जाता है संख्या '10' को बेहद शुभ? पढ़ें इसके पीछे का आध्यात्मिक रहस्य
गंगा दशहरा के पावन पर्व में '10' की संख्या का एक अनोखा और गहरा महत्व है। इस बार यह पावन पर्व 25 मई को मनाया जाएगा। ...और पढ़ें

गंगा दशहरा पर '10' अंक का आध्यात्मिक महत्व (Picture Credit: Freepik) (AI Image)
HighLights
मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण दशमी तिथि को हुआ था
गंगा स्नान से 10 प्रकार के पापों का नाश होता है
इस दिन पर दसों दिशाओं के दिग्पालों की पूजा होती है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मां गंगा को कलयुग का साक्षात तीर्थ और 'पापमोचनी' यानी पापों को नष्ट करने वाली माना गया है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला गंगा दशहरा का पर्व सनातन परंपरा में एक विशेष स्थान रखता है।
इस दिन पर गंगा स्नान, अन्न-वस्त्र का दान, जप-तप, उपासना और उपवास करने का विधान है। गंगा दशहरा के दिन संख्या दस को विशेष महत्व दिया जाता है, जिसके पीछे कई आधात्मिक कारण छिपे हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में।
अद्भुत महायोगों का महासंयोग
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब मां गंगा का देवलोक से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, तो वह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की 'दशमी' तिथि थी। इसके साथ ही इस तिथि पर आकाश और ज्योतिष मंडल में 10 विशिष्ट और शुभ योग एक साथ बने थे। यही वजह है कि इस दिन को अद्वितीय फल देने वाला माना गया है।
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गंगा दशहरा पर '10' अंक का महत्व
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में श्रद्धापूर्वक डुबकी लगाने या मां गंगा का ध्यान करने से व्यक्ति के 10 प्रकार के पाप हमेशा के लिए धुल जाते हैं। इन पापों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है -
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1. शारीरिक पाप: हिंसा करना, चोरी करना और परस्त्री गमन (पराई स्त्री के साथ संबंध)।
2. वाणी संबंधी पाप: कटु वचन बोलना, झूठ बोलना, पीठ पीछे चुगली करना और व्यर्थ की बातें करना।
3. मानसिक पाप: दूसरों के धन को हड़पने की इच्छा, किसी का बुरा सोचना और असत्य या गलत धारणाओं पर अडिग रहना।
10 दिशाओं की शुद्धि
इस पवित्र तिथि पर दसों दिशाओं के दिग्पालों (दिशाओं का पालन और संरक्षण करने वाले देवता) की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से सभी दसों दिशाएं शुद्ध हो जाती हैं और व्यक्ति के जीवन में चारों तरफ से केवल सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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अनुष्ठान और दान में '10' का नियम
गंगा दशहरा के दिन किए जाने वाले किसी भी धार्मिक कार्य, जैसे डुबकी लगाने या दान करने में 10 की संख्या का पालन करना चाहिए। इस दिन श्रद्धालु 10 तरह की वस्तुएं (जैसे फल, सत्तू, मटका, हाथ का पंखा, वस्त्र, या अन्न आदि) 10 की संख्या में जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं। इसी के साथ इस दिन पर स्नान के समय भी 10 बार डुबकी लगाने का विशेष महत्व है।
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