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ज्येष्ठ माह व्रत-त्योहार: निर्जला एकादशी और गंगा दशहरा सहित इस महीने आएंगे 5 बड़े पर्व, देखें लिस्ट

Published: Thu, 30 Apr 2026 11:03 AM (IST)

ज्येष्ठ माह 2026 की शुरुआत 2 मई से हो रही है, जिसमें कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। चलिए पढ़ते हैं 5 प्रमुख त्योहारों की सूची।

ज्येष्ठ माह के प्रमुख व्रत और त्योहारों की सूची (Picture Credit- AI Generated)

ज्येष्ठ माह के प्रमुख व्रत और त्योहारों की सूची (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. 2 मई से 29 जून तक चलेगा ज्येष्ठ माह

  2. इस माह में 8 बड़ा मंगल मनाए जाएंगे

  3. पड़ेंगे निर्जला एकादशी व गंगा दशहरा जैसे प्रमुख पर्व

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्येष्ठ माह को जेठ का महीना भी कहा जाता है, जो हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना है। इस बार ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई से हो रही है, जो 29 जून तक चलने वाला है। यह महीना इसलिए भी खास है, क्योंकि इसी में निर्जला एकादशी व्रत से लेकर बड़ा मंगल तक मनाया जाता है। चलिए पढ़ते हैं ज्येष्ठ माह में कौन-कौन से प्रमुख व्रत-त्योहार पड़ रहे हैं।

बड़ा मंगल

ज्येष्ठ माह में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। इस दिन पर हनुमान जी की पूजा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने के एक मंगलवार को ही भगवान राम और भगवान हनुमान की पहली भेंट (मुलाकात) हुई थी। अधिकमास होने के कारण इस बार ज्येष्ठ माह में 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं। पहला बड़ा मंगल 5 मई को पड़ रहा है। वहीं आखिरी यानी आठवें बड़े मंगल का व्रत 23 जून को किया जाएगा।

Hanuman AI

(Picture Credit: Freepik) (AI Image)

वट सावित्री व्रत और शनि जयंती

ज्येष्ठ माह में आने वाली अमावस्या तिथि पर सुहागिन महिलाओं द्वारा वट सावित्री व्रत किया जाता है, जो इस बार 16 मई को किया जाएगा। माना जाता है कि सुहागिन महिलाओं द्वारा इस व्रत करो करने से उन्हें अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही इस दिन पर शनि अमावस्या भी पड़ रही है, जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है।

गंगा दशहरा

ज्येष्ठ माह में मनाए जाने वाला गंगा दशहरा एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो इस बार 25 मई को मनाई जाएगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल की दशमी तिथि पर ही मां गंगा देवलोक से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस तिथि को गंगा स्नान, दान, जप-तप, उपासना और उपवास के लिए उत्तम माना गया है।

Jyeshtha 2026 Festival AI

(Picture Credit- AI Generated)

निर्जला एकादशी व्रत

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है, जिसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। इस बार यह व्रत गुरुवार, 25 जून को किया जाएगा। साल की सभी 24 एकादशियों में से निर्जला एकादशी सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण मानी गई है, क्योंकि इस दिन निर्जला व्रत करने से श्रद्धालु को साल की सभी चौबीस एकादशियों के उपवास रखने के समान फल मिलता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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