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    अक्षय पुण्य की प्राप्ति: गंगा सप्तमी पर शिवलिंग अभिषेक का क्या है महत्व? यहां जानें पूजा की सरल विधि

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 06:30 PM (GMT+05:30)

    गंगा सप्तमी पर शिवलिंग का अभिषेक करने से सात जन्मों के पाप दूर होते हैं। आइए यहां शिवलिंग अभिषेक की विधि जानते हैं। ...और पढ़ें

    Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी पर इस विधि से करें शिवलिंग का अभिषेक। (Ai Generated Image)

    Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी पर इस विधि से करें शिवलिंग का अभिषेक। (Ai Generated Image)

    HighLights

    1. गंगा सप्तमी का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है

    2. शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने मोक्ष की प्राप्ति होती है

    3. इस बार 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी मनाई जाएगी

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का दिन बेहद पवित्र और कल्याणकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही मां गंगा स्वर्ग लोक से भगवान शिव की जटाओं में समाई थीं। इसलिए इस दिन को गंगा जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। गंगा और शिव का संबंध अटूट है, इसीलिए गंगा सप्तमी पर शिवलिंग का विशेष अभिषेक करने से साधक को न केवल शिव जी की, बल्कि मां गंगा की भी कृपा मिलती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में शिवलिंग पूजन के जरूरी नियम जानते हैं।

    shivling puja rules 1

    (Ai Generated Image)

    शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये 5 चीजें

    • गंगाजल: इस दिन चांदी या तांबे के लोटे में गंगाजल भरकर शिवलिंग पर अर्पित करें। ऐसा करने से साधक को मोक्ष और मानसिक शांति मिलती है।
    • काले तिल: शिवलिंग पर गंगाजल में थोड़े काले तिल मिलाकर चढ़ाने से पितृ दोष शांत होता है और पुराने रोगों से मुक्ति मिलती है।
    • बिल्व पत्र: इस दिन शिवलिंग पर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए तीन दल वाला चिकना बिल्व पत्र चढ़ाएं। इससे कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
    • शमी पत्र: महादेव को शमी बहुत प्रिय है। ऐसे में गंगा सप्तमी पर शमी चढ़ाने से शनि दोष के बुरे प्रभाव कम होते हैं।
    • सफेद चंदन: अभिषेक के बाद शिवलिंग पर सफेद चंदन का लेप लगाएं। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है और घर में समृद्धि आती है।

    विधि 

    सुबह स्नानादि के बाद साफ वस्त्र धारण करें। मंदिर या घर के शिवलिंग के सामने उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। सबसे पहले जल से, फिर पंचामृत से और अंत में शुद्ध गंगाजल की धार बनाते हुए महादेव का अभिषेक करें।

    मंत्र

    • ॐ नमः शिवाय॥
    • गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् संनिधिं कुरु॥
    • गंगाधरय नमः तुभ्यं, संस्थितोऽसि जटाधरे। अर्घ्यं गृहाण देवेश, गंगापुत्र नमोऽस्तु ते॥

    दान का महत्व

    गंगा सप्तमी पर पूजा के बाद ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को जल, सत्तू और फल का दान करें। ऐसा करने से पूजा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। साथ ही शिव कृपा हमेशा के लिए प्राप्त होती है।

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