घर बैठे पाएं गंगा स्नान का पुण्य, गंगा सप्तमी पर ये आसान काम दिलाएंगे 'पापमोचनी' की कृपा
गंगा सप्तमी का पवित्र दिन जाने-अनजाने हुए पापों से मुक्ति पाने का महापर्व है। इस साल गंगा सप्तमी का पर्व 23 अप्रैल को मनाया जाएगा। ...और पढ़ें
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गंगा सप्तमी पर घर बैठे पाएं गंगा स्नान का पुण्य (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
गंगा सप्तमी पर ब्रह्म मुहूर्त में गंगाजल मिलाकर स्नान करें
घर पर मां गंगा की पूजा और मंत्र जप से मिलता है लाभ
शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं और असहायों को दान करें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, गंगा सप्तमी हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर मनाई जाती है। इस दिन गंगा स्नान से साधक को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष के द्वार खुलते हैं। लेकिन किसी कारणवश अगर आप इस दिन पर गंगा में स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं, तो निराश होने की जरुरत नहीं है। आप घर बैठे भी कुछ विशेष और सरल नियमों का पालन करके मां गंगा का आशीर्वाद और स्नान का पुण्य पा सकते हैं।
इस मुहूर्त में करें स्नान
आप घर पर ही ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करके भी गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाएं। इसके बाद मां गंगा का स्मरण करें और 'हर-हर गंगे' कहते हुए स्नान करें। या फिर आप इस मंत्र का भी जप कर सकते हैं - 'गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति, नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरू'
गंगा सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 4 बकर 20 मिनट से प्रातः 5 बजकर 4 मिनट तक
गंगा सप्तमी पर मध्याह्न मुहूर्त में पूजा, स्नान और दान करना उत्तम माना गया है। यह मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहेगा -
गंगा सप्तमी मध्याह्न मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 1 मिनट से दोपहर 1 बजतक 38 मिनट तक
घर पर कैसे करें पूजा?
अगर गंगा स्नान संभव न हो, तो घर पर ही इस तरीके से गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं-
- घर के मंदिर में मां गंगा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
- श्रद्धापूर्वक फल, फूल तथा मिठाई का भोग लगाएं
- इस दिन पर 'गंगा चालीसा' का पाठ करना भी शुभ माना गया है।
- अंत में शुद्ध घी का दीपक जलाकर आरती करें।
- शाम के समय अपने घर के मंदिर, तुलसी के पौधे या किसी पवित्र स्थान पर दीपदान करें।
मां गंगा के मंत्र
गंगा सप्तमी पर पूजा के समय मां गंगा का ध्यान करते हुए इन मंत्रों का स्पष्ट उच्चारण करें -
- ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः
- गंगा पापं शशी तापं दैन्यं कल्पतरुस्तथा। पापं तापं च दैन्यं च हन्ति सज्जनसङ्गमः।।
इस कार्यों से भी मिलेगा लाभ
- मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से होकर पृथ्वी पर आईं हैं। इसलिए, गंगा सप्तमी के अवसर पर शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।
- गंगा सप्तमी पर किए गए दान से साधक को 'पापमोचनी' की विशेष कृपा मिलती है। ऐसे में आप इस दिन पर असहाय और जरूरतमंद लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, धन और विशेष रूप से सफेद रंग के कपड़ों का दान कर सकते हैं। इसके साथ ही पितरों की आत्मा की शांति के लिए इस दिन पर गुड़ और तिल का दान करें।
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