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    मृतक की चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं, गरुड़ पुराण में मिलता है इसका जवाब

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 12:35 PM (IST)

    गरुड़ पुराण में इस बारे में भी बताया गया है कि क्या मृत व्यक्ति की चीजों को इस्तेमाल करना सही है। चलिए जानते हैं इस बारे में। ...और पढ़ें

    कैसे करें मृतक की चीजों का इस्तेमाल? (Picture Credit- AI Generated)

    कैसे करें मृतक की चीजों का इस्तेमाल? (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. आत्मा के मोह को बढ़ाती हैं मृतक की वस्तुएं

    2. आपकी यह गलती बन सकती है पितृ दोष का कारण

    3. इन कामों को करने से मिलती है आत्मा को शांति

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 'गरुड़ पुराण' सनातन धर्म के मुख्य 18 बड़े पुराणों में से एक है। यह भगवान विष्णु द्वारा गरुड़ को सुनाया गया एक अत्यंत गूढ़ पुराण है, जिसमें जीवन, मृत्यु और जन्म के रहस्यों का गहरा वर्णन किया गया है।

    कई बार लोग परिवार में किसी की मृत्यु हो जाने पर उसकी चीजों जैसे कपड़े, जूते और गहने आदि को याद को तौर पर बहुत ही संभालकर रखते हैं और उनका भी इस्तेमाल करते हैं। गरुड़ पुराण में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है, जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

    क्या कहता है गरुड़ पुराण

    गरुड़ पुराण के अनुसार, किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद उसकी आत्मा नई यात्रा पर निकल जाती है, लेकिन साथ ही यह भी बताया गया है कि कुछ समय तक आत्मा अपने पुरानी जिंदगी से जुड़े रिश्तों और वस्तुओं को लेकर मोह में ही रहती है। ऐसे में अगर आप उस व्यक्ति की चीजों का उपयोग करते हैं, तो इससे आत्मा का मोह खत्म होने में और ज्यादा समय लगता है।

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    हो सकता है ये नुकसान

    गरुड़ पुराण में कहा गया है कि अगर आप मृतक की वस्तुओं का उपयोग करते हैं, तो इससे पितृ आपसे नाराज हो सकते हैं, जिस कारण उस व्यक्ति और परिवार को पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही मृतक की चीजों में नकारात्मक ऊर्जा का वास भी माना जाता है, जिसका प्रभाव उस वस्तु को इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति पर भी पड़ सकता है।

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    न करें इन चीजों का इस्तेमाल

    मृत व्यक्ति के गहने, कपड़े, जूते-चप्पल और घड़ी आदि का इस्तेमाल करना आपके लिए परेशानियों की वजह बन सकता है। इस सभी चीजों के इस्तेमाल से नकारात्मकता बढ़ती है, जो व्यक्ति की मानसिक और आर्थिक स्थिति पर सीधे तौर से प्रभाव डालती हैं। लेकिन अगर मृतक के जीवित रहते हुए अपने गहने आपको उपहार के रूप में दिए हैं, तो ऐसी स्थिति में आप उस गहने को पहन सकते हैं। इससे कोई दोष नहीं लगता।

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    (Picture Credit- AI Generated)

    जरूर करें ये काम

    मृत व्यक्ति की चीजों को शुद्ध करने के बाद किसी गरीब या फिर जरुरतमंद लोगों को दान के रूप में दे देनी चाहिए। ऐसा करना धार्मिक दृष्टि उचित माना गया है। वहीं अगर आप दान नहीं करना चाहते, तो इन चीजों को किसी नदी में विसर्जित कर सकते हैं। यह भी सकारात्मकता बनाए रखने का एक बेहतर उपाय है। इससे उस व्यक्ति की आत्मा को शांति मिलती है। इससे परिवार भी दोष से बचा रहता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।