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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gayatri Jayanti 2024: जून में कब है गायत्री जयंती? नोट करें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    Updated: Mon, 03 Jun 2024 11:13 AM (IST)

    हर साल ज्येष्ठ माह में गायत्री जयंती (Gayatri Jayanti 2024) के त्योहार को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां गायत्री की विधिप ...और पढ़ें

    Gayatri Jayanti 2024: जून में कब है गायत्री जयंती? नोट करें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
    Gayatri Jayanti 2024: जून में कब है गायत्री जयंती? नोट करें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    HighLights

    1. ज्येष्ठ माह में गायत्री जयंती मनाई जाती है।
    2. गायत्री मंत्र के जाप से सभी दुख दूर होते हैं।
    3. मां गायत्री की पूजा शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Kab Hai Gayatri Jayanti 2024: हिंदू धर्म में मां गायत्री की पूजा का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गायत्री जयंती का पर्व मन्नाया जाता है। इस बार गायत्री जयंती 17 जून को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर मां गायत्री की विशेष पूजा करने से जातक के जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही सभी मुरादें पूरी होती हैं। चलिए जानते हैं गायत्री जयंती का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।

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    गायत्री जयंती 2024 डेट और शुभ मुहूर्त (Gayatri Jayanti 2024 Date and Shubh Muhurat)

    पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 17 जून को सुबह 04 बजकर 43 मिनट से होगी और वहीं, इसका समापन 18 जून को सुबह 06 बजकर 24 मिनट पर होगा। ऐसे में गायत्री जयंती का पर्व 17 जून को मनाया जाएगा।

    गायत्री जयंती पूजा विधि (Gayatri Jayanti Puja Vidhi)

    गायत्री जयंती के दिन सुबह जल्दी उठें और देवी-देवता का ध्यान करें। इसके स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके बाद मां गायत्री को जल का अर्घ्य दें। इस दौरान सच्चे मन से गायत्री मंत्र का जाप करें।

    ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात् ||

    इसके बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां गायत्री की प्रतिमा विराजमान करें। अब उन्हें फल, फूल, धूप,दीप, अक्षत और चंदन समेत आदि चीजें अर्पित करें। देशी घी का दीपक जलाकर आरती करें और जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना करें। मां गायत्री को फल, मिठाई आदि चीजों का भोग लगाएं और लोगों में प्रसाद का वितरण करें। इस दिन श्रद्धा अनुसार गरब लोगों में अन्न, धन और भोजन का दान करना कलयाणकारी होता है।

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    (Pic Credit- Freepik)