इस्लाम में क्या खाना 'जायज' और किससे 'परहेज'? जानें हलाल और हराम के वो नियम जो हर किसी को पता होने चाहिए
इस्लाम में हलाल और हराम भोजन के नियमों को कुरान और हदीस के आधार पर समझाया गया है। आइए जानते हैं इसके बारे में। ...और पढ़ें

इस्लाम में खान-पान से जुड़े नियम (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
कुरान में सूअर का मांस खाना हराम है।
मृत जानवर का मांस खाना भी वर्जित है।
शराब और नशीले पदार्थ इस्लाम में हराम हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इस्लाम दुनिया के प्रमुख धर्मों में से एक है। इस धर्म में खान-पान से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं, जिन्हें हलाल और हराम की श्रेणी में रखा जाता है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, हलाल उन चीजों को कहा जाता है जो खाने-पीने के लिए जायज हैं, जबकि हराम उन चीजों को माना जाता है जिनसे परहेज करने की सलाह दी गई है।
कुरान और हदीस में खानपान से जुड़े कई नियमों का उल्लेख मिलता है। इनका पालन मुसलमान अपनी धार्मिक आस्था और परंपराओं के अनुसार करते हैं।
कुरान के अनुसार कौन-सी चीजें हराम मानी गई हैं?
मृत जानवर का मांस
कुरान में ऐसे जानवर का मांस खाने से मना किया गया है, जिसकी मृत्यु स्वाभाविक रूप से हो गई हो और जिसे इस्लामी तरीके से ज़बह न किया गया हो। (सूरह अल-माइदा, आयत 5:3)
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, जानवर को निर्धारित तरीके से ज़बह किया जाना चाहिए, ताकि उसका रक्त शरीर से निकल जाए और प्रक्रिया धार्मिक नियमों के अनुरूप हो।
सूअर का मांस
कुरान में सूअर के मांस को हराम बताया गया है। (सूरह अल-माइदा, आयत 5:3)
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, सूअर का मांस हराम माना गया है और इसकी मनाही कुरान में की गई है। कुछ विद्वान इसके पीछे स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का भी उल्लेख करते हैं, हालांकि कुरान में इसकी मनाही का मुख्य आधार धार्मिक आदेश माना जाता है।
खून
कुरान में बहता हुआ खून खाने की भी मनाही की गई है। (सूरह अल-माइदा, आयत 5:3)
कुछ विशेष परिस्थितियों में मरे जानवर
कुरान में ऐसे जानवरों का मांस खाने से भी मना किया गया है जिनकी मृत्यु गला घोंटने, चोट लगने, ऊंचाई से गिरने या किसी हिंसक जानवर के हमले के कारण हुई हो। (सूरह अल-माइदा, आयत 5:3)
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इस्लाम में कौन-सी चीजें हलाल मानी जाती हैं?
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, निम्नलिखित खाद्य पदार्थ आमतौर पर हलाल माने जाते हैं:
बकरी, ऊंट और भेड़ का दूध
शहद
मछली और अधिकांश समुद्री खाद्य पदार्थ
ताजे फल
सूखे मेवे
खजूर
ताजी सब्जियां
गेहूं, चावल, जौ, राई और जई जैसे अनाज
ऐसे पौधों से प्राप्त खाद्य पदार्थ जो नशीले प्रभाव वाले न हों
क्या शराब पीना इस्लाम में जायज है?
इस्लाम में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से परहेज करने की सलाह दी गई है। कुरान में मादक पदार्थों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं और इन्हें हराम माना गया है। (सूरह अल-माइदा, आयत 5:90)
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डिस्क्लेमर: यह लेख इस्लामी धार्मिक ग्रंथों और प्रचलित मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। अलग-अलग इस्लामी परंपराओं और विद्वानों की व्याख्याओं में कुछ मतभेद संभव हैं।