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    मकर संक्रांति हमेशा जनवरी में और होली हर साल अलग तारीख पर क्यों? हिंदू कैलेंडर से समझिए इसका कारण

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 03:30 PM (IST)

    हिंदू त्योहारों की तारीखें चंद्र और सौर कैलेंडर पर आधारित होने के कारण बदलती हैं। चंद्र कैलेंडर वाले पर्व हर साल अलग तिथि पर आते हैं, जबकि सौर पर्व लग ...और पढ़ें

    सूर्य बनाम चंद्रमा कैसे तय होते हैं हिंदू त्योहार? (Picture Credit- AI Generated)

    सूर्य बनाम चंद्रमा कैसे तय होते हैं हिंदू त्योहार? (Picture Credit- AI Generated)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हममें से अक्सर कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि, कुछ त्योहारों की तारीखें हर साल बदल क्यों जाती है, जबकि कुछ फेस्टिवल की तारीख लगभर हर साल एक समय पर आती हैं। इसका असल कारण हिंदू पंचांग की दो अलग-अलग गणना प्रणालियां हैं। जिसमें एक चंद्रमा जिसे 'चंद्र कैलेंडर' और दूसरा सूर्य 'सौर कैलेंडर' पर आधारित है।

    भारतीय परंपराओं में समय की गणना सिर्फ दिनों और महीनों से नहीं, बल्कि सूर्य और चंद्रमा की खगोलीय चाल पर निर्भर करती है। यही कारण हैं कि, कुछ त्योहार तिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, जबकि कुछ सूर्य के राशि परिवर्तन के अनुसार निर्धारित होते हैं।

    चंद्र कैलेंडर का महत्व

    हिंदू पंचांग में तिथि का निर्धारण चंद्रमा की गति के अनुसार होता है। इनमें अमावस्या, पूर्णिमा, एकादशी, चतुर्थी, अष्टमी जैसी तिथियां चंद्रमा की गति पर आधारित होती हैं। इसलिए इन पर्वों की अंग्रेजी कैलेंडर में तारीख हर साल बदली होती है।

    चंद्र कैलेंडर आधारित त्योहार

    • महाशिवरात्रि
    • होली
    • रक्षाबंधन
    • जन्माष्टमी
    • गणेश चतुर्थी
    • करवा चौथ
    • दीपावली
    • गुरु पूर्णिमा
    • शरद पूर्णिमा
    • नवरात्रि

    सूर्य के आधार पर निर्धारित त्योहार

    हिंदू धर्म में कुछ ऐसे भी त्योहार हैं जो सूर्य की स्थिति और राशि परिवर्तन पर आधारित होते हैं। इन्हें सौर पर्व भी कहा जाता है। इनकी गति में काफी बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलता क्योंकि सूर्य की गति चंद्रमा की गति से अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती है।

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    प्रमुख सूर्य आधारित त्योहार

    • मकर संक्रांति
    • पोंगल
    • उत्तरायण
    • माघ बिहू
    • विषु
    • बैसाखी

    हर साल मकर संक्रांति करीब-करीब 14-15 जनवरी के आसपास मनाई जाती है क्योंकि यह अवधि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से जुड़ी मानी जाती है। इसके अलावा यह सौर कैलेंडर पर आधारित होती है।

    त्योहारों की तारीखोें के लिए सौर और चंद्र कैलेंडर

    AI Generated

    त्योहारों को लेकर सबसे बड़ा भ्रम?

    कई लोगों का ऐसा भी मानना है कि, हिंदू त्योहार चंद्रमा के आधार पर निर्धारित होत हैं, जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है। मकर संक्रांति, बैसाखी, पोंगल जैसे खास पर्व सूर्य पर आधारित होते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।