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हरियाली तीज पर सिर्फ शृंगार नहीं, हरे कपड़ों के पीछे छिपा है शिव-पार्वती का ये गहरा रहस्य

Published: Wed, 12 Aug 2026 01:00 PM (IST)Updated: Sat, 15 Aug 2026 08:46 AM (IST)

हरियाली तीज सावन में मनाया जाने वाला पर्व है, जिसमें हरे रंग के वस्त्र पहनने का विशेष महत्व है। यह ...और पढ़ें

हरियाली तीज पर हरे रंग के वस्त्र क्यों हैं खास, जानें इसका धार्मिक महत्व (Picture Credit: AI Generated)

हरियाली तीज पर हरे रंग के वस्त्र क्यों हैं खास, जानें इसका धार्मिक महत्व (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 15 अगस्त को हरियाली तीज का महापर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व सावन महीने के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन मनाया जाता है। मुख्य रूप से यह व्रत सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना में रखती हैं।

इस व्रत को कुंवारी लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना में रखती हैं। हरियाली तीज का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है और इस दिन मुख्य रूप से पूजा करते समय हरे रंग के वस्त्र धारण किए जाते हैं। यही नहीं इस दिन हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा भी है जो सदियों नसे चली आ रही है।

इन रीति-रिवाजों की शुरुआत महिलाएं सुबह जल्दी उठकर, स्नान आदि से मुक्त होकर हरे रंग के नए पारंपरिक कपड़े पहनती हैं, हाथों की मेहंदी से सजाती हैं और लोक गीत गाती हैं। यूं कहा जाए कि इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है। आइए जानें हरियाली तीज के दिन हरे रंग के कपड़े पहनने के कारणों के बारे में।

हरियाली तीज पर हरे रंग के कपड़े क्यों पहनने चाहिए?

हिंदू धर्म के अनुसार, हरा रंग भक्ति, समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा, खुशी, तरक्की, लंबी उम्र और अच्छी सेहत का प्रतीक है। यही नहीं हरियाली तीज प्रकृति से जुड़ा पर्व माना जाता है और इस दौरान वातावरण में भी हरियाली छाई रहती है। चूंकि हरियाली तीज सावन और भक्ति से जुड़ी है, इसलिए इस त्योहार में हरे रंग का खास महत्व होता है।

हरियाली तीज पर महिलाएं प्रकृति को सम्मान देने के लिए हरे रंग के कपड़े पहनती हैं और हाथों में मेहंदी लगाकर सोलह श्रृंगार करती हैं। इस दिन माता पार्वती की पूजा विशेष रूप से की जाती है और सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

हरियाली तीज और हरे रंग का संबंध

आमतौर पर मन में एक सवाल आता है कि आखिर हरियाली तीज पर हरा रंग ही क्यों शुभ होता है? दरअसल, 'हरियाली' शब्द का असल मतलब है 'हरा-भरा' और जब इस दिन हरा रंग पहनने की बात होती है तो यह खुशहाली और भरपूरता को दिखता है। इस दौरान मॉनसून में फसलें हरी-भरी हो जाती हैं और हरा रंग समृद्धि और नए जीवन का संकेत देता है।

हरा रंग नई शुरुआत का प्रतीक

हरियाली तीज के लिए हरे रंग को नई शुरुआत भी माना जाता है क्योंकि इस दौरान लोगों को चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत मिलती है।

हरा रंग इस बात का प्रतीक भी होता है कि इस दिन प्रकृति भी खुश होकर रिश्तों को जोड़ने का काम करती है। भारतीय संस्कृति में हरे रंग का संबंध 'हृदय चक्र' से होता है जो प्यार और दया का प्रतीक है। हरियाली तीज पर हरे रंग के कपड़े पहनने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा बनी रहती है और यह रंग उनके अटूट प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है।

हरियाली तीज पर हरे रंग का विशेष महत्व होता है और सुहागिन महिलाएं मुख्य रूप से वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनती हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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