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आपकी उंगलियां खोलती हैं आपके व्यक्तित्व के राज: जानिए किस उंगली पर किस ग्रह का होता है प्रभाव

Updated: Thu, 03 Sep 2026 10:07 AM (GMT+05:30)

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली और उंगलियों की बनावट से व्यक्ति के स्वभाव, सेहत और भविष्य का आकलन किया जाता है। ...और पढ़ें

हस्तरेखा में उंगलियों का महत्व

हस्तरेखा में उंगलियों का महत्व

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हस्तरेखा शास्त्र (Palmistry) प्राचीन भारत की एक ऐसी कला जिसमें हथेली की रेखाओं, पर्वतों और आकारों को पढ़कर व्यक्ति के स्वभाव, सेहत और भविष्य जुड़ी जानकारी दी जाती है। हस्त रेखा के विद्वान हाथ का आकार, लंबाई, चौड़ाई, आकृति, रंग, उसका झुकाव, हाथ के अंगों की बनावट आदि सभी कुछ सोचकर कार्य को शुरू करते हैं।

हाथ कुल मिलाकर चार उंगलियों तर्जनी (अंगूठे के पास की उंगली), मध्यमिका (दूसरी), अनामिका (तीसरी), कनिष्ठा (चतुर्थ या छोटी), अंगूठे तथा हथेली को मिलाकर कहा जाता है। हस्तरेखा शास्त्र में माना जाता है कि, हाथ जितना चौड़ा, भारी, मोटा, सुंदर, गुदगुदा, चिकना या सुडौल होता है, उतना ही उत्तम माना जाता है। इसके विपरीत हाथ पतला, काला, भद्दा, टेढ़ा-मेढ़ा हो तो यह दुर्भाग्य से जोड़ा जाता है।

हस्तरेखा शास्त्र में हाथों का महत्व

तर्जनी- पहली उंगली जिसे तर्जनी भी कहा जाता है। यह बृहस्पति ग्रह की उंगली कहलाती है। इसके नीचे का उभार बृहस्पति कहलाता है। यह जीवन रेखा से ऊपर तथा उंगलियों की ओर होती है।

माध्यमिका (दूसरी उंगली)- दूसरी उंगली शनि की उंगली कहलाती है। इसके नीचे शनि ग्रह का स्थान होता है। ज्यादातर हाथों में शनि दबा हुआ होता है। हस्तरेखा में शनि का स्थान हृदय रेखा तक होता है।

अनामिका- तीसरी उंगली सूर्य की उंगली कहलाती है। इसके नीचे और हृदय रेखा से ऊपर सूर्य ग्रह का स्थान होता है।

कनिष्ठा- चौथी उंगली बुध की उंगली कहलाती है। इसके नीचे का उभरा हुआ स्थान बुध ग्रह का स्थान माना जाता है। यह हृदय रेखा से ऊपर होता है। हृदय रेखा से ठीक नीचे बुध पर्वत के साथ विपरीत मंगल स्थित होता है।

इन ग्रहों के घेरे के बीच हथेली के बीच में काफी गहराई होती है। इसमें उंगलियों तथा कलाइ की ओर दो स्थान राहु और केतु के होते हैं।

अंगूठा- अंगूठे का हाथ में बेहद खास महत्व होता है। अंगूठा पतला, लंबा, सुडौल व सुंदर होना बेहद उत्तम माना जाता है। इसके विपरीत मोटा, छोटा, टोपाकार आदि अंगूठा सर्वोत्तम का हाथ का प्रतीक माना जाता है। समाज के खास व्यक्तियों के हाथ इसी तरह के होते हैं।

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हस्त रेखा शास्त्र में उंगलियां क्या राज खोलती हैं?

हाथों को देखकर भविष्यवाणी करने के लिए उंगलियों का भी सर्वाधिक महत्व है। उंगलियों की बनावट किसी भी हाथ के गुण-अवगुण के बारे में बताती हैं। हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति की उंगलियां वर्गाकार (Square-shaped) होती है, वह व्यक्ति काफी दूरदर्शी और नियमबद्ध होकर अपने कार्यों में विश्वास रखता है।

नुकीली उंगलियों वाले व्यक्ति हर काम को सही तरीके से करना पसंद करते हैं। जबकि चपटी उंगलियां व्यक्ति की कार्यकुशलता और फुर्तिलेपन को दर्शाती है।

लंबी उंगलियों वाले लोगों की खास बात यह है कि, उन्हें कलाकार संगीत और खोजी कार्य करना काफी अच्छा लगता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।