भगवान शिव की बेटी अशोक सुंदरी का जन्म कैसे हुआ? पढ़ें पद्म पुराण की रोचक कथा
भगवान शिव की पुत्री अशोक सुंदरी का जन्म मां पार्वती की इच्छा और कल्पवृक्ष के वरदान से हुआ था। उनका वास शिवलिंग पर जल निकासी के स्थान पर होता है और उनक ...और पढ़ें

कल्पवृक्ष ने दिया था मां पार्वती को वरदान (AI-Generated Image)
HighLights
अशोक सुंदरी का जन्म मां पार्वती की इच्छा से हुआ।
शिवलिंग पर जल निकासी स्थान पर उनका वास होता है।
उनकी पूजा से संकट दूर होते हैं, व्यापार में लाभ।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान शिव और मां पार्वती के पुत्र भगवान गणेश और कार्तिकेय के बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी है, लेकिन बहुत ही लोगों को पता होगा कि भगवान शिव की एक पुत्री भी थीं, जिसका नाम अशोक सुंदरी है। आज के समय में भी कई लोग अशोक सुंदरी की रहस्यमयी कथा से अनजान हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार, अशोक सुंदरी का जन्म मां पार्वती की इच्छा और इच्छाधारी कल्पवृक्ष के वरदान से हुआ था। आपको सबसे खास बात दें कि शिवलिंग पर अशोक सुंदरी का वास होता है। क्या आप जानते हैं कि कैसे हुआ भगवान शिव की पुत्री अशोक सुंदरी का जन्म? अगर नहीं पता, तो ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि पद्म पुराण में वर्णित में अशोक सुंदरी के जन्म की कथा के बारे में।

(AI-Generated Image)
कैसे हुआ अशोक सुंदरी का जन्म?
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव तपस्या में लीन रहते थे। वहीं कैलाश पर्वत पर मां पार्वती अकेलापन महसूस करती थीं। इसलिए एक बार मां पार्वती अकेलेपन को दूर करने के लिए कल्पवृक्ष के पास पहुंचीं। उन्होंने कल्पवृक्ष से अपने मन की बातें कहीं। साथ ही उन्होंने कल्पवृक्ष से एक पुत्री की कामना की। कल्पवृक्ष को मनोपूर्ति करने वाला वृक्ष कहा जाता है। कल्पवृक्ष ने माता पार्वती की बातों को सुना और उन्हें पुत्री प्रदान करने का वरदान दिया, जिसका नाम उन्होंने अशोक सुंदरी रखा। अशोक सुंदरी अप्सरा जैसी सुंदर थी।
शिवलिंग पर कहां हैं अशोक सुंदरी का वास?
शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय, जिस नलिका से जल बाहर की तरफ निकलता है, उसी स्थान को अशोक सुंदरी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिवलिंग की इसी जगह पर अशोक सुंदरी का वास होता है। शिवलिंग के साथ अशोक सुंदरी की पूजा-अर्चना करने का अधिक महत्व है। अशोक सुंदरी की साधना करने के लिए सोमवार का दिन शुभ माना जाता है।
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पद्म पुराण में मिलता है वर्णन
भगवान शिव की बेटी अशोक सुंदरी के जन्म की कथा का का वर्णन पद्म पुराण के भूमि खंड अध्याय 102 में मिलता है।
अशोक सुंदरी पर चढ़ाएं ये चीजें
पूजा के दौरान शिवलिंग के साथ अशोक सुंदरी पर भी फूल और बेलपत्र चढ़ा सकते हैं। साथ ही जल अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अशोक सुंदरी की पूजा करने से साधक को जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं और सभी संकट दूर होते हैं। साथ ही साधक को कारोबार में लाभ प्राप्त होता है।
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