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शिव महापुराण की कहानियां जो बदल सकती हैं जीवन जीने की दिशा, आप भी लें सीख

Updated: Wed, 12 Aug 2026 12:00 PM (IST)

शिव महापुराण में वर्णित कई कथाएं भक्तों को प्रेरणा देती हैं और जीवन जीने की दिशा दिखाती हैं। माता सती ...और पढ़ें

शिव महापुराण की प्रेरक कथाएं: जीवन को नई दिशा देने वाली सीख (Picture Credit: AI Generated)

शिव महापुराण की प्रेरक कथाएं: जीवन को नई दिशा देने वाली सीख (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन के महीने में ही नहीं बल्कि हमेशा भी भक्त भगवान शिव की पूजा अर्चना में व्यस्त रहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि शिव जी भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

शिव जी की कई कथाओं का वर्णन शिव महापुराण में मिलता है जिसे पढ़ने के बाद भक्तों को भी प्रेरणा मिलती है। इन कहानियों में दिखाया गया है कि वे कैसे शिव जी लोगों की मदद करते हैं और बुराई से लड़ते हैं।

यही नहीं उन्हें जगत का कल्याण करने के लिए हलाहल का पान करते हुए भी दिखाया गया है। शिव भक्ति में लीन लोग आज भी इन कहानियों को सुनना पसंद करते हैं। जहां कुछ कथाएं शिव जी की शक्तियों को दिखाती हैं वहीं कई ऐसी भी हैं जो जीवन को प्रेरणा देती हैं। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसी ही कथाओं के बारे में जो आपके लिए भी जीवन में कई निर्णय लेने के लिए प्रेरणादायक हो सकती हैं।

माता सती के त्याग की कथा

शिव महापुराण में एक कथा माता सती के त्याग को दिखाती है। माता सती, दक्ष प्रजापति की पुत्री थीं और उनका विवाह भगवान शिव से हुआ। दक्ष प्रजापति ने शिव जी को कभी दामाद रूप में स्वीकार नहीं किया, इसी वजह से एक बार जब दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया तब उसमें भगवान शिव और सती को आमंत्रित नहीं किया।

सती उस समय पिता के प्रेम में आशक्त होकर यज्ञ में गईं, लेकिन वहां उनका और शिव जी का बहुत अपमान किया गया। इससे रुष्ट होकर सती ने यज्ञ की अग्नि में अपना शरीर त्याग दिया। सती का प्रेम इतना अटूट था कि उन्होंने पुनः पार्वती का रूप धारण किया और भगवान शिव की प्राप्ति के लिए माता पार्वती ने तपस्या की और शिव जी को पति रूप में प्राप्त किया। यह कथा हमें प्रेम के लिए त्याग और तपस्या की सीख देती है।

गंगा माता के अवतरण की कथा

प्राचीन समय की बात है राजा भगीरथ अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने के लिए गंगा माता को पृथ्वी पर लाने के लिए तपस्या कर रहे थे। उनकी कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने गंगा माता को पृथ्वी पर जाने का आग्रह किया। उस समय मां गंगा का प्रवाह इतना तेज था कि पृथ्वी उनका वेग सहन नहीं कर पाती इस वजह से भगवान शिव ने गंगा के वेग को नियंत्रित करने के लिए अपनी जटाओं में उन्हें समाहित कर लिया।

शिव की जटाओं से निकलकर गंगा धीरे-धीरे पृथ्वी पर उतरीं और राजा भगीरथ के मार्गदर्शन में उनके पूर्वजों तक पहुंचीं। गंगा के पवित्र जल से भगीरथ के पूर्वजों को मोक्ष प्राप्त हुआ। गंगा का धरती पर आगमन जीवन, पवित्रता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। शिव महापुराण की यह कथा भगवान शिव की अद्भुत शक्ति को दिखाती है।

भगवान शिव के नील कंठ बनने की कथा

जब समुद्र मंथन में हलाहल विष निकला और उस विष से पूरी पृथ्वी अग्नि में जलने लगी। उस समय भगवान शिव ने इस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। उसी समय से भगवान शिव नीलकंठ कहलाए। यह कथा भगवान शिव के त्याग को दिखाती है और उनका समस्त जीवों से प्रेम को दिखाती है जिसकी वजह से वो हलाहल ग्रहण करने से भी पीछे नहीं हटे। इस कथा से हमें यह सीख मिलती है कि जिसे भी आप प्रेम करते हैं उसके लिए कुछ भी कर सकते हैं।

कुबेर का घमंड हुआ चूर

बहुत समय की बात है यक्षों के राजा कुबेर थे और उस समय लंका पर भी कुबेर का शासन था। वहीं उनके सौतेले भाई रावण ने उन्हें पराजित करके कुबेर को लंका से बाहर निकाल दिया। अपना राज्य, अपनी प्रजा और अपना सम्मान खोकर कुबेर पूरी तरह निराश हो गए और दिन रात शिव जी की आराधना करने लगे। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें एक नया राज्य प्रदान किया। यही नहीं उन्होंने कुबेर को संसार की अपार संपत्ति का स्वामी भी बनाया।

कुबेर बहुत धनी हो गए और उनके पास अपार धन होने के बाद भी वो शिव जी को सिर्फ भस्म ही अर्पित करते थे। कुबेर को ऐसा लगने लगा था कि वो ही शिव जी के सबसे बड़े भक्त हैं। उन्हें अपनी शक्तियों पर घमंड होने लगा।

उस समय शिव जी ने कुबेर से आग्रह किया कि वो इतने संपन्न हैं तो गणपति को भरपेट भोजन कराएं। कुबेर ने हंसते हुए उनका आग्रह स्वीकार किया और गणपति को अपने महल में बुलाकर भोजन कराने लगे। कुबेर अपनी कोशिशों के बाद भी गणपति का पेट नहीं भर पाए और उस समय कुबेर का घमंड चूर हो गया। यह कथा हमें इस बात की प्रेरणा देती है कि व्यक्ति को कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए।

शिव महापुराण की ये कथाएं आज भी तर्क संगत हैं और हमें जीवन जीने की कला सिखाती हैं। इन कथाओं से मिलने वाली प्रेरणा आपके जीवन को एक नई दिशा दे सकती हैं।

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