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    इस दिन से शुरू हो रहा है साल का पवित्र महीना ज्येष्ठ, क्या है इसका धार्मिक महत्व

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 12:34 PM (IST)

    ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून को समाप्त होगा। इस पवित्र महीने में हनुमान जी की साधना और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर अधिक मास ...और पढ़ें

    ज्येष्ठ माह का धार्मिक महत्व (Picture Credit- AI Generated)

    ज्येष्ठ माह का धार्मिक महत्व (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. ज्येष्ठ माह 2 मई से 29 जून तक चलेगा।

    2. अधिक मास के कारण इसे पुरुषोत्तम माह भी कहेंगे।

    3. बड़ा मंगल पर हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह को विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। वैशाख पूर्णिमा के बाद ज्येष्ठ माह की शुरुआत होती है। इस माह में हनुमान जी साधना का विशेष महत्व है, क्योंकि इस माह में हर मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है। 

    इस माह में गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी और वट सावित्री व्रत समेत आदि व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कि कब से शुरू होगा ज्येष्ठ माह?

    इस दिन से शुरू होगा ज्येष्ठ का महीना (Jyeshtha Month 2026 Start and End Date)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई से होगी। वहीं, इस माह का समापन 29 जून को होगा। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास का संयोग बन रहा है। इस माह में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने का विशेष महत्त्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह में इन शुभ कामों को करने से साधक को पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

    Jyeshtha month daan

    (Picture Credit- AI Generated)

    ज्येष्ठ माह का धार्मिक महत्व

    इस बार ज्येष्ठ माह में अधिक मास पड़ रहा है। इसी वजह से इसे पुरुषोत्तम माह भी कहा जाएगा। इस माह को जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस माह में शुभ काम जैसे- जप, तप, और दान-पुण्य आदि करने चाहिए। इन कामों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस माह के मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। इसलिए बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने का खास महत्व है।

    ऐसे करें हनुमान जी को प्रसन्न

    • अगर आप जीवन में संकटों का सामना कर रहे हैं, तो ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करें। साथ ही बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और बिगड़े काम पूरे होते हैं।
    • इसके अलावा सत्तू, जल, धन और अन्न समेत आदि चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों का दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

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