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    राहु-केतु के बीच ग्रहों का खेल है काल सर्प दोष, विस्तार से पढ़ें इसके 12 प्रकार और प्रभाव

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 03:15 PM (GMT+05:30)

    वैदिक ज्योतिष शास्त्र में काल सर्प दोष एक गंभीर स्थिति है जो कुंडली में राहु और केतु के बीच सभी ग्रहों के आने से बनती है। यह दोष व्यक्ति के जीवन में क ...और पढ़ें

    आसान भाषा में जानिए काल सर्प दोष से जुड़ी संपूर्ण जानकारी

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के दोष होते हैं, जो इंसान के जीवन में तरह-तरह के नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इनमें से सबसे खास और प्रसिद्ध काल सर्प दोष है। हममें से ज्यादातर लोगों ने काल सर्प दोष के बारे में सुनना जरूर है, लेकिन इसका असल मतलब बहुत कम लोगों को ही पता है।

    ज्योतिष शास्त्र में इस दोष को बेहद गंभीर दोषों में शामिल किया जाता है, जो जीवन में कई तरह की परेशानियों, बाधाएं और अंधकार का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं काल सर्प दोष के बारे में, इसके प्रकार, लक्षण और उपाय के बारे में।

    काल सर्प दोष क्या है?

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में काल सर्प दोष का निर्माण तब होता है, जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं, कुंडली में ग्रहों की इस स्थिति को काल सर्प दोष के नाम से जाना जाता है। काल जिसका मतलब है, मृत्यु या वक्त, सर्प का मतलब सांप से है, इसलिए इस समय को सर्प काल कहा जाता है, जो जीवन में नकारात्मक असर दिखाता है।

    काल सर्प दोष कितने तरह के होते हैं?

    बहुत से लोगों को लगता है कि, काल सर्प दोष सिर्फ एक ही तरह के होते हैं, जबकि वैदिक ज्योतिष शास्त्र में काल सर्प दोष के 12 प्रकारों के बारे में बताया गया है।

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    काल सर्प दोषों के इन सभी प्रकारों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में अलग-अलग पड़ता है। इन सभी में से महापद्म काल सर्प दोष सबसे पीड़ादायक माना जाता है।

    काल सर्प दोष का प्रभाव

    काल सर्प दोष का प्रभाव जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है, जिसके कारण आपके रिश्ते, करियर, वित्त और जीवनशैली में कई तरह की समस्याएं देखने को मिल सकती है। काल सर्प दोष के कारण आपको सफलता के कुछ समय बाद अचानक रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। मेहनत और कौशल के बावजूद भी वित्तीय स्थिति रुकी हुई लगती है।

    इसके अलावा पारिवारिक या किसी भी रिश्ते में बेवजह की दूरियां और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन में समस्याएं देखने को मिल सकती है। मन हमेशा बेचैन रहना, मानसिक अस्थिरता की समस्या, नौकरी और बिजनेस में लॉस की स्थिति और सेहत से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

    काल सर्प दोष निवारण के उपाय

    काल सर्प दोष निवारण पूजा
    जो भी व्यक्ति काल सर्प दोष की समस्या का सामना कर रहा है, उन्हें घर में काल सर्प दोष की पूजा करनी चाहिए। इस पूजा में खासतौर पर भगवान विष्णु और नाग देवता को पूजा जाता है।

    नाग पंचमी का व्रत
    नाग पंचमी के मौके पर नाग देवताओं की पूजा करने से भी इस दोष का निवारण होता है।

    राहु और केतु मंत्रों का जाप
    काल सर्प दोष से निवारण पाने के लिए राहु और केतु से मंत्रों का जाप करना चाहिए।

    राहु मंत्र- ऊं राहवे नमः
    केतु मंत्र- ऊं केतवे नमः

    रुद्राक्ष धारण करना चाहिए
    काल सर्प दोष से राहत पाने के लिए व्यक्ति को 8 या 9 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

    नीलम रत्न धारण करना
    ज्योतिषाचार्यों की सलाह पर हाथ में नीलम रत्न की अंगूठी धारण करना सबसे शुभ माना जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।