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    Gudi Padwa 2026: 19 या 20 मार्च कब है गुड़ी पड़वा? यहां जानें इसकी एकदम सटीक तारीख

    Updated: Fri, 13 Mar 2026 03:30 PM (IST)

    गुड़ी पड़वा के दिन (Gudi Padwa 2026) ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। ...और पढ़ें

    Gudi Padwa 2026: गुड़ी पड़वा का महत्व। (Ai Generated Image)

    Gudi Padwa 2026: गुड़ी पड़वा का महत्व। (Ai Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Gudi Padwa 2026: चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नए साल की शुरुआत होती है। महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में इसे 'गुड़ी पड़वा' के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष का आरंभ भी हो रहा है। साल 2026 में गुड़ी पड़वा की तारीख को लेकर कुछ लोगों में कन्फ्यूजन है कि यह 19 मार्च को है या 20 मार्च को? तो चलिए यहां पंचांग के अनुसार इसकी सही तिथि और समय जानते हैं।

    Gudi Padwa 2026 rules 1

    Ai Generated Image

    गुड़ी पड़वा 19 या 20 मार्च कब है? (Gudi Padwa 2026 Date And Time)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगी।
    वहीं, इसका समापन चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में
    गुड़ी पड़वा का पर्व 19 मार्च को मनाया जाएगा।

    विजय पताका (गुड़ी) फहराने का शुभ मुहूर्त (Gudi Padwa 2026 ShubhMuhurat)

    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4:51 से 5:39 बजे तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 2:30 से 3:18 बजे तक
    • गोधुली मुहूर्त - शाम 6:29 से 6:53 बजे तक
    • निशिता मुहूर्त - सुबह 12:05 से 12:52 बजे तक

    क्यों है इस बार का नववर्ष खास?

    इस साल गुड़ी पड़वा का आगाज कई शुभ योग में हो रहा है। 19 मार्च को ही चैत्र नवरात्र का भी शुभारंभ होगा। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी और छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपनी विजय के बाद पहली बार गुड़ी फहराने की परंपरा शुरू की थी।

    गुड़ी पड़वा पर क्या करें? (Gudi Padwa 2026 Dos)

    • घर के मुख्य द्वार को आम के पत्तों और फूलों के तोरण से सजाएं।
    • द्वार पर सुंदर रंगोली बनाएं।
    • बांस की लकड़ी पर सुंदर वस्त्र बांधकर उस पर तांबे या चांदी का लोटा उल्टा रखकर नीम की पत्तियों और चीनी की माला से सजाएं। इसे घर के ऊंचे स्थान या खिड़की पर लगाएं।
    • इस दिन सुबह नीम की पत्तियों, गुड़ और इमली का मिश्रण खाया जाता है, जो जीवन के सुख-दुख और सेहत के संतुलन का प्रतीक है।

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