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    Kalashtami 2026: मार्च महीने में कब है कालाष्टमी? एक क्लिक में नोट करें शुभ मुहूर्त और संयोग

    Updated: Fri, 20 Feb 2026 09:00 PM (IST)

    प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव देव को समर्पित कालाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन काल भैरव की विशेष पूजा और व ...और पढ़ें

    Kalashtami 2026: कालाष्टमी का धार्मिक महत्व

    Kalashtami 2026: कालाष्टमी का धार्मिक महत्व

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव देव को समर्पित है। इस शुभ तिथि पर कालाष्टमी मनाई जाती है। कालाष्टमी के दिन काल भैरव देव की विशेष पूजा और भक्ति की जाती है। साथ ही विषम विषय या काल और कष्ट से निजात पाने के लिए व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।

    Bhagwan Shiv

    तंत्र सीखने वाले साधक कालाष्टमी के दिन काल भैरव देव की कठिन साधना करते हैं। कठिन भक्ति से प्रसन्न होकर काल भैरव देव साधक को मनचाहा वरदान देते हैं। आइए, कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-


    कालाष्टमी शुभ मुहूर्त (Masik Kalashtami Rituals)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 11 मार्च को देर रात 01 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी और 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगी। कालाष्टमी पर निशा काल में काल भैरव देव की पूजा की जाती है। इसके लिए 11 मार्च को चैत्र माह की कालाष्टमी मनाई जाएगी।

    शिव योग (Shiv Yoga)

    ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र माह की कालाष्टमी पर दुर्लभ शिववास योग (ShivvasYoga Significance) का निर्माण हो रहा है। इस योग में भगवान शिव कैलाश पर जगत जननी मां पार्वती के साथ रहेंगे। शिववास योग में काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को अक्षय फल मिलेगा। साथ ही सभी अटके काम पूरे होंगे। इसके साथ ही कालाष्टमी पर सिद्धि योग का भी संयोग है।

    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 03 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 56 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 26 मिनट से 05 बजकर 15 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से 02 बजकर 46 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 54 मिनट से 06 बजकर 18 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 35 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।