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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Kharmas 2025 Date: इस दिन से बंद हो जाएंगे शुभ काम, जानें खरमास शुरू होने की तारीख और इसके कुछ नियम

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Thu, 27 Feb 2025 07:45 PM (IST)

    वैदिक पंचांग के अनुसार 14 मार्च को होली है। इस दिन सूर्य देव (Sun Nakshatra Transit 2025) मीन राशि में गोचर करेंगे। इस शुभ अवसर पर होली और मीन संक्रां ...और पढ़ें

    Surya Gochar 2025: 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होगा
    Surya Gochar 2025: 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होगा

    HighLights

    1. वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रहों के सेनापति मंगल देव हैं।
    2. मंगल देव की कृपा मकर राशि पर हमेशा बरसती है।
    3. देवगुरु बृहस्पति मई महीने में मिथुन राशि में गोचर करेंगे।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Surya Gochar 2025 Date: संक्रांति तिथि आत्मा के कारक सूर्य देव को समर्पित है। इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है। सूर्य देव की पूजा करने से साधक को न केवल आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है, बल्कि करियर को भी नया आयाम मिलता है। ज्योतिष भी सूर्य उपासना करने की सलाह देते हैं।

    सूर्य देव के धनु और मीन राशि में गोचर करने पर खरमास लगता है। इस दौरान सूर्य के प्रभाव के चलते गुरु का प्रभाव क्षीण या कम हो जाता है। इसके लिए खरमास के दौरान शुभ काम नहीं किया जाता है। मार्च महीने में सूर्य देव मीन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव के मीन राशि में गोचर करने की तिथि पर मीन संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन से खरमास (Kharmas 2025 Date) शुरू होगा। आइए, खरमास की सही डेट एवं नियम जानते हैं।

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    सूर्य गोचर 2025 (Sun Gochar 2025)

    वर्तमान समय में आत्मा के कारक सूर्य देव कुंभ राशि में विराजमान हैं। इस राशि में सूर्य देव 13 मार्च तक रहेंगे। इसके अगले दिन यानी 14 मार्च को सूर्य देव राशि परिवर्तन करेंगे। सूर्य देव 14 मार्च को मीन राशि में गोचर करेंगे। मीन राशि में सूर्य देव एक महीने तक रहेंगे। इसके बाद मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर कर जाएंगे।

    कब है मीन संक्रांति (Meen Sankranti 2025)

    आत्मा के कारक सूर्य देव के मीन राशि में गोचर करने की तिथि पर मीन संक्रांति मनाई जाएगी। संक्रांति तिथि पर स्नान-ध्यान, पूजा, जप-तप और दान-पुण्य किया जाता है। मीन संक्रांति के दिन पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 39 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 29 मिनट तक है। वहीं, महा पुण्य काल शाम 04 बजकर 29 मिनट से शाम 06 बजकर 29 मिनट तक है।

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    कब से शुरू हो रहा खरमास?

    सूर्य देव के मीन राशि में गोचर करने की तिथि पर मीन संक्रांति मनाई जाती है। इस दिन से ही खरमास शुरू होता है। 14 मार्च को मीन संक्रांति है। अत: इस दिन से खरमास शुरू होगा। खरमास लगने के साथ ही सभी प्रकार के शुभ कामों पर पूर्ण विराम लग जाएगा। खरमास के दौरान शुभ काम करने से सफलता नहीं मिलती है। वहीं, 14 अप्रैल को सूर्य देव के मेष राशि में गोचर करने पर खरमास समाप्त होगा। 14 अप्रैल से शुभ काम किए जाएंगे।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।