Kharmas 2026: आज से शुरू हुआ खरमास, 1 महीने तक भूलकर भी न करें ये काम, वरना बिगड़ जाएंगे सारे खेल
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार खरमास (Kharmas 2026) की शुरुआत 15 मार्च यानी आज से हो रही है। वहीं, इसका समापन 14 अप्रैल 2026 को होगा। ...और पढ़ें

Kharmas 2026: खरमास के नियम। (Ai Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी सूर्य देव देवगुरु बृहस्पति की राशि में गोचर करते हैं, तो उस अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है। यह अवधि (Kharmas 2026) पूरे एक महीने तक, यानी 14 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जब तक सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश नहीं कर जाते। धार्मिक दृष्टि से इस एक महीने को मांगलिक कामों के लिए अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस दौरान सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

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क्या न करें? (Kharmas Don'ts)
- खरमास के दौरान विवाह, सगाई या रोका जैसे शुभ कार्य पूरी तरह से वर्जित होते हैं।
- इस एक महीने में नए घर में प्रवेश, नई प्रॉपर्टी की खरीदारी या बच्चों का मुंडन संस्कार भूलकर भी न करें।
- कोई भी नया बिजनेस, नई नौकरी की शुरुआत या बड़ा निवेश खरमास के दौरान टाल देना चाहिए, क्योंकि इससे मनचाही सफलता नहीं मिल पाती।
- इस पूरे महीने सात्विकता का पालन करें। इस दौरा मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज के सेवन से बचना चाहिए।
क्या करें? (Kharmas Do's)
- खरमास में भगवान सूर्य की पूजा का सबसे अधिक महत्व है। ऐसे में रोजाना सुबह उठकर तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- यह समय धार्मिक कामों के लिए बहुत अच्छा है। ऐसे में विष्णु सहस्रनाम का पाठ और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। इससे आपके जीवन की हर बाधा दूर हो जाएगी।
- इस महीने में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और पीले रंग की वस्तुओं का दान करना बहुत फलदायी होता है।
- इस दौरान गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इससे मन शांत होता है और जीवन सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
पूजन मंत्र (Kharmas Puja Mantra)
- ॐ सूर्याय नमः।।
- ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।।
- ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।।
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