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जन्माष्टमी 2026: लड्डू गोपाल को क्या चढ़ाएं? 56 भोग के अलावा इन 10 चीजों से भी खुश हो जाते हैं कान्हा

Published: Tue, 01 Sep 2026 11:59 AM (IST)Updated: Tue, 01 Sep 2026 12:02 PM (IST)

जन्माष्टमी की पूजा में 56 भोग नहीं बना पा रहे हैं तो जानिए कान्हा को किन चीजों का भोग लगा ...और पढ़ें

लड्डू गोपाल के प्रिय भोग (AI-generated image)

लड्डू गोपाल के प्रिय भोग (AI-generated image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) का त्योहार पूरे देश में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन हर भक्त अपने घर में लड्डू गोपाल का जन्मदिन मनाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को खुश करने के लिए भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार उन्हें 56 भोग लगाते हैं।

लेकिन, कुछ आज के भागदौड़ भरे शेड्यूल में लोग 56 तरीके के भोग नहीं बना पाते हैं। ऐसे में वो इस बात को लेकर भी परेशान रहते हैं कि क्या भगवान उनकी मनोकामना या पूजा से स्वीकार करेंगे। दरअसल, भगवान भाव के भूखे हैं आप 56 भोग की जगह उन्हें उनका कोई भी पसंदीदा भाग अर्पित करके उनकी पूरी कृपा पा सकते हैं। आइए जानते हैं उन 10 चीजों के बारे में, जिनका भोग लगाकर आप आसानी से उनको खुश कर सकते हैं-

1. माखन और मिश्री: बाल गोपाल का नाम आते ही आपके दिमाग में सबसे पहले 'माखन-चोर' की छवि आती है। ताजे सफेद मक्खन में थोड़ी सी मिश्री मिलाकर भोग लगाएं। मान्यता है कि इसे अर्पित करने से घर के आपसी रिश्तों में मिठास और सुख-समृद्धि बनी रहती है।

2. धनिया पंजीरी: जन्माष्टमी की पूजा धनिया पंजीरी के बिना पूरी नहीं मानी जाती। व्रत में इसका खास महत्व है। शुद्ध देसी घी, भुने हुए धनिये, चीनी और कुछ सूखे मेवों से बनी यह पंजीरी कान्हा का सबसे प्रिय प्रसाद है।

3. पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर, इन पांच चीजों को मिलाकर बना पंचामृत पूजा की जान है। रात को लड्डू गोपाल को इसी पंचामृत से स्नान कराया जाता है और फिर यही मुख्य प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।

4. तुलसी के पत्ते: श्रीकृष्ण का कोई भी भोग तब तक अधूरा माना जाता है, जब तक उसमें तुलसी का पत्ता न रखा हो। आप कुछ भी बनाएं, प्रसाद की थाली में एक तुलसी के पत्ते जरूर डालें।

5. मखाने की खीर: रात के 12 बजे जब कान्हा का जन्म होता है, तब गाढ़े दूध और मखाने से बनी खीर का भोग लगाना बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। यह चंद्रदेव को भी प्रिय है।

6. मथुरा के पेड़े: कान्हा की जन्मभूमि मथुरा के पेड़े पूरी दुनिया में मशहूर हैं। मावा यानी खोया और इलायची की महक से बने ये पेड़े प्रसाद की मिठास को दोगुना कर देते हैं।

7. नारियल का पाग: कद्दू कस किए हुए नारियल को चाशनी में पाग कर (पकाकर) बनने वाली बर्फी जन्माष्टमी के खास पारंपरिक प्रसादों में से एक मानी जाती है।

8. पंचमेवा: काजू, बादाम, किशमिश, छुआरा और मखाना, इन पांच सूखे मेवों को मिलाकर भगवान को अर्पित करें। यह शुद्धता के साथ-साथ अच्छी सेहत का भी प्रतीक है।

9. ताजे मौसमी फल: बाल गोपाल को ताजे और रसीले फल बहुत पसंद हैं। पूजा की थाली में केले, सेब और जामुन जैसे फल जरूर शामिल करें।

10. आटे या गोंद के लड्डू: मां यशोदा अपने बाल कृष्ण को अपने हाथों से लड्डू खिलाया करती थीं। उसी प्यार वाले भाव को दर्शाने के लिए आप भी देसी घी में बने आटे या गोंद के लड्डू कान्हा को अर्पित कर सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।