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    कष्टों से मुक्ति के लिए अचूक है 'कृष्णाय वासुदेवाय' मंत्र, क्या है इसके जप का सही समय और नियम?

    Updated: Fri, 17 Apr 2026 04:58 PM (IST)

    सनातन धर्म में मंत्रोच्चारण को विशेष महत्व दिया जाता है, जो न केवल आध्यात्मिक रूप से बल्कि शारीरिक दृष्टि से भी लाभकारी साबित होता है। ...और पढ़ें

    कृष्णाय वासुदेवाय मंत्र जप विधि और लाभ (Picture Credit: Freepik)

    कृष्णाय वासुदेवाय मंत्र जप विधि और लाभ (Picture Credit: Freepik)

    HighLights

    1. यह मंत्र दुखों का नाश कर मानसिक शांति देता है

    2. नियमित जप से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं

    3. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में 108 बार जप करना फलदायी है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू ग्रंथों में कई प्रभावशाली मंत्रों का उल्लेख मिलता है। ऐसा ही एक मंत्र है कृष्णाय वासुदेवाय' मंत्र। यह प्रसिद्ध भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है, जो दुखों का नाश करने वाला और शांति प्रदान करने वाला माना जाता है। सही तरीके के किया गया मंत्रोच्चाण न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि जीवन के कष्टों को दूर करने में भी सहायक माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस मंत्र के जप के लाभ और इससे जुड़े कुछ जरूरी नियम।

    मंत्र का अर्थ -

    ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः

    इस मंत्र का वर्णन श्रीमद् भागवतम् में मिलता है, जो भगवान श्री कृष्ण को परमेश्वर के रूप में महिमामंडित करता है। इस मंत्र का अर्थ है - हे वासुदेव पुत्र अर्थात भगवान श्रीकृष्ण, हमारे क्लेश का नाश करने वाले जिनके स्मरण मात्र से दुखों से मुक्ति मिलती है और विघ्न बाधा का नाश हो जाता है, गोविंद को बार-बार नमस्कार है।

    मंत्र का लाभ और महत्व

    • नियमित रूप से इस मंत्र के जप से जीवन के दुख और कष्ट दूर होते हैं।
    • यह मंत्र मन को शांति और शुद्धता प्रदान करता है।
    • भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति और समर्पण के भाव बढ़ाता है।
    • मन की अशांति और बेचैनी को दूर करता है।
    • घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति का वास बना रहता है।
    Krishnaya Vasudevaya AI
    (Picture Credit- AI Generated)

    कब-कब करना चाहिए इस मंत्र का जप?

    • सुबह अपने दिन की शुरुआत आप इस मंत्र के जप के साथ कर सकते हैं।
    • इस मंत्र का सुबह ब्रह्म मुहूर्त में या फिर शाम को सूर्यास्त से पहले किया जा सकता है।
    • कठिनाई या भ्रम के समय में भी इस मंत्र का जप किया जा सकता है।
    • अपनी दैनिक जप पूरी करने के बाद कृष्णाय वासुदेवाय मंत्र का जप कर सकते हैं।

    जप करने की विधि

    • सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत होने के बाद साफ कपड़े पहनें।
    • अब एक आसन पर पूर्व/उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैंठे।
    • कृष्णाय वासुदेवाय मंत्र का जप 108 बार करना फलदायी माना जाता है।
    • तुलसी या कमल गट्टे की माला से आप इस मंत्र का जप कर सकते हैं।
    • प्रत्येक नाम पर विचार करते हुए, ध्यानपूर्वक और धीरे-धीरे जप करना चाहिए।
    • मंत्र जप के लिए हमेशा किसी शांत स्थान को चुनें, जिससे आप ध्यानपूर्वक मंत्र जप कर सकें।
    • मंत्र जप के दौरान किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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