भगवान श्री कृष्ण के चरणों को 'कमल' क्यों कहते हैं? दिलचस्प है इसके पीछे का रहस्य
पढ़ें श्रीमद्भगवत पुराण के अनुसार, श्री कृष्ण के चरणों में मौजूद 19 शुभ चिह्नों का महत्व और आध्यात्मिक कारण। ...और पढ़ें

श्री कृष्ण के चरणों के शुभ चिह्नों का महत्व (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान श्री कृष्ण की महिमा निराली है, लेकिन भक्तों का मन सबसे ज्यादा उनके चरणों में रमता है। अक्सर भजनों और कथाओं में हम 'श्री कृष्ण के चरण कमल' या 'कमल चरण' शब्द सुनते हैं। लेकिन, उनके पैरों की तुलना केवल कमल के फूल से ही क्यों की जाती है? इसके पीछे बहुत गहरा आध्यात्मिक रहस्य छिपा है।
कमल ही क्यों?
कमल का फूल कीचड़ में खिलता है, लेकिन वह कीचड़ से बिल्कुल अछूता रहता है। उस पर पानी की एक बूंद भी नहीं ठहरती। ठीक इसी तरह, भगवान श्री कृष्ण इस संसार में आए, उन्होंने युद्ध किए, राजनीति की और गृहस्थ जीवन भी जिया, लेकिन वे सांसारिक माया-मोह से हमेशा ऊपर रहे। उनके 'चरण कमल' हमें सिखाते हैं कि हमें भी इस दुनिया (कीचड़) में रहकर अपनी आत्मा को पवित्र (कमल जैसा) बनाए रखना चाहिए।
चरणों के 19 दिव्य चिह्न (The Divine Symbols)
शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण के चरणों के तलवों में 19 विशेष शुभ चिह्न मौजूद हैं, जो किसी साधारण मनुष्य में नहीं हो सकते।
प्रमुख चिह्न: ध्वज (झंडा), वज्र, कमल, अंकुश, मछली, और चंद्रमा। इन चिह्नों का ध्यान करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। 'कमल' का चिह्न यह दर्शाता है कि भगवान के चरणों की शरण लेने वाला व्यक्ति संसार रूपी सागर में डूबता नहीं है।
क्या कहते हैं शास्त्र?
भगवान के चरणों की सुंदरता और महिमा का जिक्र कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है:
- श्रीमद्भागवत पुराण के दसवें स्कंध में वर्णन है कि जब अक्रूर जी या गोपियां प्रभु के चरणों का ध्यान करती हैं, तो उन्हें 'पद्म' (कमल) के समान कोमल और सुगन्धित बताया गया है।
- ब्रह्म संहिता के अनुसार भगवान के चरणों की कोमलता ऐसी है कि करोड़ों कामदेव भी उनके सामने फीके हैं।
19 दिव्य चिह्न को मतलब
शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण के चरणों के तलवों में 19 विशेष शुभ चिह्न मौजूद हैं- जैसे ध्वज (झंडा), वज्र, कमल, अंकुश और मछली। मान्यताओं के अनुसार, इन चिह्नों का ध्यान करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और प्रभु की सच्ची भक्ति प्राप्त होती है।
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