शनि देव को नहीं पसंद हैं ये 5 काम, करेंगे तो पड़ सकता है पछताना
शनि देव न्याय और कर्म के देवता हैं, और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार उन्हें कुछ काम बिल्कुल पसंद नहीं हैं। कमजोर पर अत्याचार, आलस्य, अनादर, धन का गलत इ ...और पढ़ें

शनि देव को अप्रिय हैं ये पांच कर्म, जानिए क्या करने से बचें (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शनि देव के नाम से हर कोई डरता है, मगर शनि न्याय और कर्म के देवता हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के गणपति खंड के दूसरे अध्याय में शनि देव द्वारा माता पार्वती को अपने न्याय के सिद्धांत समझाने का सिद्धांत है। जिसके आधार पर बहुत ही आसानी से समझा जा सकता है कि शनि देव को कौन से वो पांच काम हैं, जो बिल्कुल भी नहीं पसंद हैं।
यदि कोई उनके सिद्धांतों को नकारते हुए ऐसा कोई काम करता है, तो उनके प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों को शनि दोष और शनि की महादशा का सामना करना पड़ सकता है।
कमजोर पर अत्याचार
किसी कमजोर और निर्धन व्यक्ति या बेजुबान पशु-पक्षी पर आप अत्याचार करते हैं या कोई गलत व्यवहार करते हैं, तो शनि देव के प्रकोप का आपको सामना करना पड़ सकता है। भगवान शिव को इस प्रकोप का सामना करना पड़ा था, जब क्रोधवश उन्होंने भगवान श्री गणेश का सिर काट दिया था। ब्रह्मवैवर्त पुराण के गणपति खंड में शनि देव माता पार्वती को अपना सिद्धांत समझाते हुए कहते हैं, 'किसी कमजोर की कमजोरी का फायदा उठाना महा अपराध है।' भगवान शिव के आगे बाल गणेश कमजोर थे, उनका सिर काटकर भगवान शिव ने अन्याय ही किया था।
कर्म करने से बचना
आलस्य एक बीमारी है और इस बीमारी का शिकार प्रकृति नहीं बनाती बल्कि व्यक्ति अपने कर्मों से बनता है। आलस्य की वजह से अपने कर्मों से बचने वाले व्यक्ति को भी शनि देव माफ नहीं करते हैं। यदि किसी को बहुत आलस्य महसूस होता है या वह हर जरूरी काम को कल पर टाल देता है, समझ लेना चाहिए कि उस पर शनि दोष है। शनि देव केवल उसी व्यक्ति को पसंद करते हैं, जो अपने कर्म को पूरी मेहनत और लगन के साथ करता है।

किसी का अनादर
व्यक्ति उम्र में बड़ा हो या छोटा, हैसियत में बराबर का हो या निर्धन, शनि देव इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते हैं कि आप किसी का भी अनादर करें। हिंदू शास्त्रों में इस बात का जिक्र कई जगह मिलता है कि कोई व्यक्ति केवल अपने कर्मों से बड़ा और छोटा होता है। धन और दौलत केवल हाथों का मैल है। इस पर यदि कोई अहंकार करता है, तो निश्चित ही उसे पछताना पड़ सकता है।
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धन का गलत इस्तेमाल
धन को किसी सही जगह इस्तेमाल करने की जगह यदि कोई व्यक्ति किसी गलती काम या गलत खान-पान की चीजों में इस्तेमाल करता है, तो शनिदेव उसे कभी माफ नहीं करते। शनि देव के सिद्धांतों में यह सबसे महत्वपूर्ण हैं, कि धन अधिक है तो हमें उसे ऐसे कार्य में लगाना चाहिए जिससे लोगों कल्याण हो सके। धन को दान करने से भी शनि का प्रकोप कम होता है।
झूठ और फरेब करना
छल और कपट करने वाले को भी शनि देव की अदालत में कड़ी सजा मिलती है। किसी झूठ से सामने वाले का नुकसान हो रहा है, तो ऐसे झूठ को अपराध माना गया है। वहीं जो व्यक्ति अपने फायदे के लिए किसी का नुकसान करता है, उसे भी शनिदेव क्षमा नहीं करते हैं।
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