Magh Bihu 2026 Date: कब जलेगी 'मेजी' और कब मनेगा खुशियों का त्योहार? नोट करें माघ बिहू का शुभ मुहूर्त और महत्व
मकर संक्रांति सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे असम में माघ बिहू। यह सूर्य देव ...और पढ़ें

Magh Bihu 2026 Date: माघ बिहू का धार्मिक महत्व
HighLights
14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी।
इस दिन सूर्य देव की पूजा और भक्ति की जाती है।
मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने का विधान है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में मकर संक्रांति पर्व का खास महत्व है। यह पर्व सूर्य देव के मकर राशि में गोचर करने की तिथि पर मनाया जाता है। यह पर्व पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। हालांकि, मकर संक्रांति को देश के विभिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है। उत्तर भारत में लोहड़ी और संक्रांति कहा जाता है।

बिहार और उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति और खिचड़ी कहा जाता है। वहीं, तमिलनाडु में पोंगल और असम में माघ बिहू कहा जाता है। यह पर्व असम में धूमधाम से मनाया जाता है। सभी वर्ग के लोग माघ बिहू त्योहार में शामिल होते हैं। माघ बिहू जिसे भोगली बिहू भी कहा जाता है।
भोगली बिहू का त्योहार फसल पकने या तैयार होने पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर अग्नि देव की पूजा की जाती है। इसमें नए फसल से तैयार चीजों को अग्नि में अर्पित किया जाता है। इस समय सभी लोग एकत्र होकर नाच-गान करते हैं। आइए, माघ बिहू की तिथि (Magh Bihu 2026 Date) और शुभ मुहूर्त जानते हैं-
माघ बिहू शुभ मुहूर्त (Magh Bihu 2026 Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग गणना अनुसार, बुधवार 14 जनवरी के दिन (Sun Transit in Capricorn 2026) आत्मा के कारक सूर्य देव मकर राशि में गोचर करेंगे। इस शुभ अवसर पर मकर संक्रांति मनाई जाएगी। मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 45 मिनट तक है। वहीं, महा पुण्य काल दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 57 मिनट तक है। माघ बिहू के दिन पुण्य क्षण दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर है। वहीं, स्थानीय पंचांग अनुसार, 15 जनवरी को माघ बिहू मनाई जाएगी।
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माघ बिहू शुभ योग (Magh Bihu 2026 Shubh Yog)
माघ बिहू के दिन वृद्धि और ध्रुव योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इसके साथ ही प्रातः काल में शिववास योग का संयोग है। इन योग में अग्नि देव की पूजा करने से साधक को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठा नक्षत्र में माघ बिहू मनाई जाएगी।
कैसे मनाई जाती है माघ बिहू?
माघ बिहू के शुभ अवसर पर बच्चे-बूढ़े सभी सूर्योदय के समय उठते हैं। इसके बाद स्नान-ध्यान कर मेजी तैयार करते हैं। कई जगहों पर मेजी पहले से तैयार किया होता है। सभी लोग मेजी के पास (Significance of Meji) इकठ्ठा होते हैं। अब मेजी जलाकर अग्नि देव की पूजा करते हैं। सभी लोग एक दूसरे को मिठाई और पकवान देकर माघ बिहू की बधाई देते हैं। बच्चे-वृद्ध सभी नाच-गान कर धूमधाम से उत्सव मनाते हैं।
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