सिर्फ कृष्ण ही नहीं, इन मंदिरों में होती है द्रौपदी और मामा शकुनि की भी पूजा
भारत वर्ष में महाभारत काल से जुड़े प्रमुख किरदारों के प्रमुख मंदिर हैं, जहां आज भी उनकी पूजा बड़ी श्रद्धा भाव के साथ की जाती है। आइए जानते हैं इन प्रम ...और पढ़ें

महाभारत के किरदारों के अनोखे मंदिर (Picture Credits AI-Generated Image)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। संपूर्ण भारत वर्ष में ऐसे कई मंदिर मौजूद हैं, जिनका संबंध महाभारत काल के मशहूर किरदारों से जोड़ा जाता है। इसमें उडुपी में भगवान श्रीकृष्ण और अरनमुला में अर्जुन से लेकर पांडवों की पत्नी द्रौपदी, युधिष्ठिर और यहां तक कि मामा शकुनि का भी मंदिर है, जहां सदियों से पुरानी परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्राचीन कथाएं जीवित हैं।
आइए जानते हैं महाभारत के प्रसिद्ध पात्रों से जुड़े मंदिरों के बारे में

भगवान कृष्ण मंदिर, उडुपी कर्नाटक
कर्नाटक के उडुपी में 700 सालों से अधिक भारत का सबसे पवित्र कृष्ण मंदिर भक्तों के लिए आध्यात्म का एक बड़ा केंद्र रहा है। इस स्थापना संत माधवाचार्य द्वारा की गई थी, जहां भक्त भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए आते हैं। यह मंदिर महाभारत के दिव्य मार्गदर्शक भगवान कृष्ण को समर्पित है।
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धर्मराय स्वामी मंदिर (बेंगलुरु, कर्नाटक)
पांडवों में सबसे बड़े भाई युधिष्ठिर जिन्हें धर्मराज के नाम से भी जाना जाता है, बेंगलुरु में स्थित धर्मराय मंदिर उन्हें समर्पित है। यह ऐतिहासिक मंदिर दक्षिण भारत में द्रौपदी पूजा के लिए सबसे जरूरी केंद्रों में से एक है। यह हर वर्ष होने वाले रंगीन उत्सवों और रस्मों के दौरान महाभारत से जुड़ी परंपराओं का अनुष्ठान किया जाता है। राजा पांडु के बड़े पुत्र युधिष्ठिर को सच्चाई, नेकी और धर्म का प्रतीक माना जाता है।

द्रौपदी का अम्मन मंदिर
तमिलनाडु के अम्मन मंदिर मुख्य रूप से द्रौपदी को समर्पित मंदिर है, जो एक शक्तिशाली देवीं, साहस और भक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं। ये मंदिर अपने अनोखे लोक रीति-रिवाजों और बड़े सालाना जश्न के जरिए सदियों पुरानी महाभारत परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। इस मंदिर में द्रौपदी को अनगिनत भक्त देवी और रक्षक के रूप में पूजते हैं।
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मामा शकुनि का मंदिर
केरल में मायमकोट्टू मालंचरुवु मालनदा मंदिर भारत से जुड़े सबसे दुर्लभ मंदिरों में से एक है, यह मंदिर गांधार के राजकुमार शकुनि को समर्पित है। स्थानीय और लोक परंपराओं ने उनकी याद को सुरक्षित रूप से सहेज कर रखा है। भारत के बहुत कम मंदिरों में से एक जो शकुनि को समर्पित है।
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