Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर इस विधि से करें चारों पहर की पूजा, न करें ये गलतियां, नोट करें समय
साल 2026 की महाशिवरात्रि को बहुत शुभ माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और प्रदोष का दुर्लभ संयोग (Mahashivratri 2026 Shubh Yog) बन रह ...और पढ़ें

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर चार पहर की पूजा विधि।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Mahashivratri 2026: साल 2026 की महाशिवरात्रि बहुत शुभ मानी जा रही है। इस साल भगवान शिव की पूजा का यह महापर्व बहुत फलदायी होने वाला है। महाशिवरात्रि केवल एक व्रत नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और व्रत करने से जीवन में खुशहाली आती है। साथ ही मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -

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दुर्लभ संयोग (Mahashivratri 2026 Shubh Yog)
इस साल महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग और प्रदोष का संयोग बन रहा है। सालों बाद ऐसा अवसर आया है, जब शिव पूजा के समय चंद्रमा अपनी उच्च राशि के निकट होगा, जिससे मानसिक शांति और आर्थिक बाधाओं से मुक्ति मिलेगी। ऐसा कहा जा रहा है कि इस दिन की गई पूजा का फल कई गुना बढ़कर मिलेगा। साथ ही सभी मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है।
चार पहर की पूजा समय ( Mahashivratri 2026 Char Pahar Ki Puja Ka Samay)
- प्रथम पहर - शाम 6:00 से 9:00 बजे तक ।
- द्वितीय पहर - रात 9:00 से 12:00 बजे तक।
- तृतीय पहर - रात 12:00 से 3:00 बजे तक।
- चतुर्थ पहर - भोर 3:00 से 6:00 बजे तक।
पूजा विधि (Puja Vidhi)
- महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय से पहले उठकर गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- पूजा के लिए सफेद या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
- हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें।
- शिवलिंग पर सबसे पहले जल चढ़ाएं।
- फिर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर चढ़ाएं।
- अंत में शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं।
- तीन पत्तों वाला बिल्व पत्र 'ॐ नमः शिवाय' बोलकर चढ़ाएं।
- महादेव को धतूरे का फल, फूल और भांग भी चढ़ाएं।
- सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
- बिना टूटे हुए चावल अर्पित करें।
- आक, कनेर या सफेद फूल चढ़ाएं।
- गाय के घी का दीपक जलाएं।
- ऋतु फल और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
- पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
- शिव चालीसा का पाठ करें।
- अंत में कपूर और दीपक से आरती करें।
न करें ये काम ( Mahashivratri 2026 Donts)
- शिवलिंग पर कभी भी तुलसी के पत्ते, सिंदूर या हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए।
- अभिषेक करते समय जलधारा को टूटने न दें।
- शिवलिंग की कभी भी पूर्ण परिक्रमा न करें।
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