क्या आप भी हैं पितृ दोष और बाधाओं से परेशान? तो राहत के लिए मलमास में जरूर करें इन मंत्रों का जप
इस साल ज्येष्ठ मलमास (अधिकमास) का दुर्लभ संयोग बना है, जो 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। ...और पढ़ें

पितृ दोष निवारण के लिए जपें ये मंत्र (Picture Credit: Freepik)
HighLights
पितरों को प्रसन्न करने के लिए उत्तम है मलमास का समय
विष्णु जी और देवी लक्ष्मी के मंत्रों के जप से मिलता है लाभ
मलमास में पितृ दोष निवारण के लिए करें मंत्रों का जप
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हालांकि मलमास में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन यह भगवान विष्णु की आराधना के लिए उत्तम माना गया है। इस माह में की गई भगवान विष्णु की आराधना और उनके मंत्रों के जप का फल 100 गुना अधिक मिलता है।
अगर आप कुंडली में पितृ दोष या उसके कारण आ रही बाधाओं से परेशान हैं, तो मलमास (अधिकमास) का समय पितरों को प्रसन्न करने और दोष निवारण के लिए बहुत शुभ होता है। चलिए पढ़ते हैं पितृ दोष और बाधाओं से मुक्ति के कुछ मंत्र।
पितृ दोष से राहत के मंत्र -
""ॐ पितृभ्यः नमः"
"ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च।
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः॥
पितृ गायत्री मंत्र - "ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पितरो प्रचोदयात्।"
सरल पितृ दोष निवारण मंत्र: -
"ॐ श्री सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हन हन सुख शांतिं देहि फट् स्वाहा।"
भगवान विष्णु के मंत्र
मलमास या कहें पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु की आराधना के लिए उत्तम माना गया है। ऐसे में अगर आप इस माह में भगवान विष्णु के इन मंत्रों का जप करते हैं, तो इससे आपको भगवान विष्णु की कृपा के साथ-साथ जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति भी मिल सकती है।

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1. विष्णु मूल मंत्र - ॐ नमोः नारायणाय॥
2. विष्णु भगवते वासुदेवाय मंत्र - ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
3. विष्णु गायत्री मंत्र -
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
4. मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
मां लक्ष्मी के मंत्र
1. मूल मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः
2. महा लक्ष्मी मंत्र - ॐ महालक्ष्म्यै नमः
3. प्रसिद्ध स्तुति मंत्र - या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
4. लक्ष्मी कुबेर मंत्र - ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
5. धन प्राप्ति के लिए -
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः
"ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः"।

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मंत्र जाप की विधि
- स्नान-ध्यान के बाद शुद्ध आसन पर बैठकर पूर्वजों का स्मरण करें।
- रुद्राक्ष या तुलसी की माला का प्रयोग करें।
- जप के बाद पितरों से अपनी गलतियों की क्षमा मांगें और सुख-शांति का आशीर्वाद लें।
मलमास में पितृ दोष निवारण के उपाय
- मलमास में पितरों के नाम पर गरीबों को भोजन कराएं।
- वस्त्र दान करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।
- घर में श्रीमद्भगवद्गीता का नियमित पाठ करें या विष्णु सहस्रनाम का जप
- घर के दक्षिण दिशा में पितरों के निमित्त देसी घी का दीपक जलाएं।
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