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मलमास 2026: शादी, मुंडन और गृह प्रवेश पर लगने वाला है ब्रेक, जानिए कब से शुरू हो रहा है अशुभ समय? ध्यान रखें ये बातें

Published: Sun, 03 May 2026 03:13 PM (IST)

मलमास के दौरान मांगलिक कामों पर रोक लग जाएगी। आइए यहां जानते हैं कि इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना होगा?

Malmas May 2026: इस दौरान ध्यान रखने योग्य खास बातें। Ai Generated image

Malmas May 2026: इस दौरान ध्यान रखने योग्य खास बातें। Ai Generated image

HighLights

  1. मलमास के दौरान मांगलिक कामों पर रोक लग जाएगी

  2. इसमें विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे काम नहीं किए जाते हैं

  3. इसे पुरुषोत्तम माह भी कहा जाता है

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश नहीं करते, तो उस समय को मलमास या अधिक मास कहा जाता है। इस साल मलमास का प्रारंभ होने जा रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से शुभ कामों के लिए वर्जित माना गया है। इस दौरान शादी, विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कामों पर पूरी तरह से रोक लग जाती है। ऐसे में आइए यहां इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।

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मलमास की तिथि और समय

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल मलमास की शुरुआत 17 मई से होने जा रही है। यह पूरे एक महीने तक यानी 15 जून तक चलेगा। ऐसा कहा जाता है कि इस अवधि में सूर्य की गति धीमी हो जाती है, जिसके चलते मांगलिक कामों पर रोक लग जाती है।

इन कामों पर लगेगी रोक

  • इस समय में शादी करने से जीवन में क्लेश बना रहता है।
  • नए घर में प्रवेश या नींव पूजन के लिए यह समय अशुभ माना जाता है।
  • बच्चों के जनेऊ संस्कार इस अवधि में नहीं किए जाते।
  • इस दौरान नए शोरूम, दुकान या नए कारोबार की शुरुआत करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

मलमास में क्या करें?

  • मलमास का महीना भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इसे 'पुरुषोत्तम मास' भी कहते हैं। ऐसे में श्री हरि की पूजा करें।
  • इस महीने में अनाज, जल, और तिल का दान करना बहुत फलदायी होता है।
  • इस माह में 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें। इससे मानसिक शांति मिलेगी।
  • इस दौरान तामसिक भोजन से दूर रहें और सात्विकता बनाए रखें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।