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    मेष संक्रांति 2026: घर बैठे इस विधि से करें सूर्य पूजा, नोट कर लें मंत्र और सावधानियां

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 09:15 AM (IST)

    मेष संक्रांति आज मनाई जा रही है। यह दिन सूर्य देव की पूजा के लिए बहुत मंगलकारी माना जाता है। ...और पढ़ें

    Mesh Sankranti 2026: मेष संक्रांति पर क्या न करें? (Ai Generated Image)

    Mesh Sankranti 2026: मेष संक्रांति पर क्या न करें? (Ai Generated Image)

    HighLights

    1. मेष संक्रांति का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है

    2. इस दिन सूर्य देव की पूजा का विधान है


    3. इस दिन स्नान-दान का बड़ा महत्व है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मेष संक्रांति (Mesh Sankranti 2026) का विशेष महत्व है, और जब सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मेष संक्रांति कहा जाता है। यह सौर नववर्ष का आरंभ भी माना जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने से आरोग्य, सुख-समृद्धि और यश में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।

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    Ai Generated Image

    मेष संक्रांति का शुभ मुहूर्त

    • मेष संक्रांति का क्षण - सुबह 9 बजकर 39 मिनट पर।
    • मेष संक्रांति पुण्य काल - सुबह 5 बजकर 57 मिनट से दोपहर 1 बजकर 55 मिनट तक।
    • मेष संक्रांति महा पुण्य काल - सुबह 7 बजकर 30 मिनट से सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक।

    पूजा विधि

    • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है।
    • अगर ऐसा मुश्किल है, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
    • स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल, अक्षत और थोड़ा सा गुड़ मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • अर्घ्य देते समय 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें।
    • इसके बाद सूर्य चालीसा का पाठ करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
    • अंत में भक्ति भाव के साथ आरती करें।
    • इस दिन सत्तू, आम, घड़ा और अनाज का दान भी जरूर करना चाहिए।

    ध्यान रखें ये बातें

    • मेष संक्रांति के दिन मांस, मदिरा या लहसुन-प्याज का सेवन बिल्कुल न करें।
    • इस दिन घर में वाद-विवाद न करें और किसी का अपमान न करें।
    • संक्रांति के दिन सूर्योदय के बाद देर तक सोना शुभ नहीं माना जाता है।
    • इस दिन ज्यादा से ज्यादा दान-पुण्य करें।

    पूजा मंत्र

    • ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।।
    • ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्॥

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।