यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nandi Puja: नंदी के कान में इस तरह बोलें अपनी मनोकामना, पूरी होगी हर इच्छा
नंदी महाराज को शिव जी की सवारी के रूप में जाना जाता है। हर शिव मंदिर में नंदी भी मुख्य रूप से पाए जाते हैं। साथ ही अपनी इच्छा महादेव तक पहुंचाने के लि ...और पढ़ें

HighLights
- भगवान शिव के गणों में से भी एक हैं नंदी।
- शिव जी की सवारी भी हैं, नंदी महाराज।
- कान में मनोकामना कहने से जल्द पूर्ण होती है इच्छा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। नंदी, भगवान शिव के गणों में से भी एक हैं। महादेव के साथ-साथ नंदी जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मत है कि भगवान शिव अधिकतर अपनी तपस्या में ही लीन रहते हैं। ऐसे में उन तक अपनी इच्छा पहुचाने के लिए नंदी जी (Nandi Ke Kaan Me Kaise Bole) का सहारा लिया जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इससे संबंधित नियम।
क्यों कही जाती है मनोकामना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने ही नंदी जी को यह वरदान दिया था, कि जो भी तुम्हारे कान में आकर अपनी इच्छा बोलेगा, उसकी हर इच्छा पूरी होगी। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को अपनी इच्छा महादेव तक पहुचानी है, तो वह नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कहता है।
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इस तरह बोलें मनोकामना
नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कहने से पहले विधि-विधान से उनका पूजन करना चाहिए और दीपक जलाएं उन्हें भोग लगाना चाहिए। इसके बाद ऊँ शब्द बोलकर अपनी मनोकामना नंदी जी के कान में कहनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि यदि आप नंदी जी के बाएं कान में (Nandi Ke Kaan Me Kya Kahe) मनोकामना कहते हैं, तो वह जल्द महादेव तक पहुंचती है और पूरी होती है।
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रखें इन बातों का ध्यान
नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कहते समय इस बात का पूर्ण रूप से ध्यान रखना चाहिए, कि आपके द्वारा कही गई बात कोई और न सुन रहा हो, इसलिए अपनी बात कहते समय आपको अपना मुंह भी ढक लेना चाहिए। मनोकामना कहने के बाद नंदी जी को कुछ भेंट जैसे - फल, प्रसाद या धन आदि अर्पित करना चाहिए। अंत में कहें कि 'नंदी महाराज हमारी मनोकामना पूरी कीजिए'।
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कैसे होनी चाहिए मनोकामना
नंदी जी (Nandi Ke Kaan Me Kaise Bole) के कान में ऐसा इच्छा कहनी चाहिए, जिसका पूरा होना संभव हो। इसी के साथ किसी के अहित से जुड़ी इच्छा भी नंदी जी के कान में नहीं कहनी चाहिए।
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