Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Navroz 2024: मार्च में किस दिन मनाया जाएगा नवरोज? जानिए इस उत्सव का महत्व

    Updated: Tue, 19 Mar 2024 12:04 PM (IST)

    पारसी अनुयायियों के बीच नवरोज का पर्व विशेष महत्व रखता है। दुनियाभर में रह रहे पारसी इस त्योहार को विशेष ढंग से मनाते हैं। पारसी मान्यताओं के अनुसार न ...और पढ़ें

    Navroz 2024: मार्च में इस दिन मनाया जाएगा नवरोज?
    Navroz 2024: मार्च में इस दिन मनाया जाएगा नवरोज?

    HighLights

    1. पारसी लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है नवरोज।
    2. पारसी नववर्ष के रूप में मनाया जाता है नवरोज।
    3. साल में दो बार मनाया जाता है यह पर्व।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Navroz 2024 Date: ‘नवरोज’ पारसी समुदाय का प्रमुख त्योहार है। इसी दिन से पारसी नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। माना जाता है कि नवरोज के दिन रात और दिन की लंबाई लगभग एक समान होती है। पासरी मान्यताओं के मुताबिक, नवरोज प्रकृति को धन्यवाद देने का दिन है। यह पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मार्च के महीने में पारसी पर्व नवरोज कब मनाया जाएगा।

    कब मनाया जाता है नवरोज

    दुनियाभर में पारसी नववर्ष साल में 2 बार मनाया जाता है। वहीं, भारत के पारसी नवरोज को शहंशाही पंचांग के मुताबिक मनाया जाता है। ऐसे में 20 मार्च को पारसी समाज का पहला नवरोज मनाया जाएगा। वहीं, 16 अगस्त को दूसरा नवरोज मनाया जाएगा।

    क्या है नवरोज का अर्थ

    ‘नवरोज’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है ‘नव’ और ‘रोज’, जिसमें ‘नव’ का अर्थ होता है ‘नया दिन’ और ‘रोज’ का अर्थ होता है ‘दिन’ ऐसे में नवरोज का फारसी में अर्थ है नया दिन।  

    यह भी पढ़ें - Vastu Tips: बच्चों को उपहार देते समय ध्यान रखें ये बातें, जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र

    कैसे मनाया जाता है यह त्योहार

    नवरोज के दिन पारसी समुदाय के लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को शुभकामनाएं देते हैं और एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं। साथ ही इस दिन एक-दूसरे को तोहफे आदि भी दिए जाते हैं। सबसे पहले इस दिन घर की साफ- सफाई की जाती है और घरों को रंगोली से सजाया जाता है।

    खबरें और भी

    इस मौके पर तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। साथ ही चंदन की लकड़ियों के टुकड़े को घर में रखा जाता है। पारसी लोग अपने पारंपरिक कपड़े पहनकर नाचते-गाते हैं और इस दिन की खुशी मनाते हैं। अपने देवता की पूजा कर परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।

    WhatsApp पर हमसे जुड़ें. इस लिंक पर क्लिक करें

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'