ना लड्डू, ना पेड़ा... तो आखिर कौन सी है वो 'जली हुई' मिठाई जिसके दीवाने हैं भगवान जगन्नाथ?
पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान उनका प्रिय भोग, जो एक खास जली हुई मिठाई है। यह चावल और उड़द दाल से बनी पारंपरिक ओडिया मिठाई है जिसे श्रद् ...और पढ़ें

भगवान जगन्नाथ का प्रिय भोग पोड़ा पीठा (Picture Credits- AI Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। उड़ीसा के पुरी में आज से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की रथ यात्रा का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है। इस दौरान कई तरह के धार्मिक अनुष्ठानों को संपन्न किया जाएगा, जिसमें भोग भी प्रमुख रहने वाला है।
क्या आपको पता है कि, प्रभु जगन्नाथ को भोग में लड्डू, पेड़ा, माखन-मिश्री या बर्फी पसंद नहीं है, बल्कि उन्हें पसंद है एक खास तरह की मिठाई जिसके किनारे जले हुए होते हैं। इसकी ऊपरी परत हल्की काली होती है, जो न तो चाशनी से चमकती है और नई इस पर चांदी की परत चढ़ाई जाती है। फिर भी माना जाता है कि, जगत के नाथ को यह मिष्ठान काफी पसंद है। इस मिठाई का नाम है पोड़ा पीठा।
ओडिशा की खास जली हुई मिठाई
ओडिशा में पोड़ा का मतलब जला हुआ या पका होता है, और पीठा का मतलब चावल का घोल से बना पेनकेक। इसे बनाने के लिए चावल और उड़द की दाल को भिगोकर और मसलकर गढ़ा घोल तैयार किया जाता है। इसके बाद इसे एक रात के लिए ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। अगली सुबह इसमें नारियल, गुड़, मसले हुए पके केले, एक बड़ा चम्मच घी और थोड़ा सा काजू-किशमिश मिलाया जाता है।
इसके बाद इसे केले के पत्तों से ढके मिट्टी के बर्तनों में सील करके धीमी आंच पर पकाया जाता है। जिसके कुछ देर बाद भगवान जगन्नाथ का खास व्यंजन पोड़ा पीठा बनकर तैयार हो जाता है, जो देखने में काफी कैरेमल लगता है।
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रथ यात्रा के दौरान पोड़ा पीठा
प्रभु जगन्नाथ का यह खास व्यंजन रथ यात्रा के दौरान ओडिशा भर में व्यापक रूप में देखने को मिलता है। मंदिरों की रसोई से लेकर घरों की रसोई और सड़क किनारे स्टालों पर भी इस व्यंजन को बड़ी ही श्रद्धा और पवित्रता के साथ तैयार किया जाता है।
भगवान जगन्नाथ को भोग लगाने की अटूट परंपरा
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भगवान को छप्पन भोग लगाने की परंपरा सदियों से रोजाना चली आ रही है। वही रथ यात्रा के दौरान सुबह के समय नाश्ते में खिचड़ी परोसा जाता है। शाम को लंबी यात्रा के बाद उन्हें नारकेल नारू, मालपुआ और मिष्टी का भोग लगाया जाता है। इसके अलावा भोग में पंता भात, उबले हुए चावल. पुलाव, मौसमी सब्जियां, तले हुए पकौड़े, 10 से 12 तरह की करी, कई तरह की दाल, पीठे, जलेबी, नारू, मालपुआ, संदेश आदि सभी तरह की मिठाईयां शामिल होती हैं। इसके अलावा नारियल का भोग भगवान जगन्नाथ को अत्यंत प्रिय है।
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