यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Panchak March 2025: मार्च में कब-से-कब तक रहेंगे पंचक, जरूर रखें इन बातों का ध्यान
हिंदू मान्यताओं के अनुसार पंचक (Panchak March 2025) की अवधि को एक शुभ अवधि नहीं माना जाता। इस दौरान कई तरह की सावधानियां बरतनी होती जिससे व्यक्ति बुरे ...और पढ़ें

HighLights
- सनातन मान्यताओं के अनुसार शुभ नहीं होते पंचक।
- पंचक के दौरान नहीं किए जाते शुभ कार्य।
- नियमों का ध्यान रखकर बुर परिणामों से रह सकते हैं दूर।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब चन्द्रमा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में विचरण करते हैं, तो इस समय को पंचक कहा जाता है। यह अवधि लगभग 05 दिनों की होती है, इसलिए इसे पंचक के नाम से जाना जाता है। मार्च 2025 में दो बार पंचक लगने जा रहे हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कि मार्च में पंचक कब-से-कब तक रहने वाले हैं।
पंचक का समय (March 2025 Panchak Start Date)
वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार, 27 फरवरी, 2025 को सुबह के 04 बजकर 40 मिनट से पंचक की शुरुआत हो रही है। जो रविवार, 02 मार्च 2025 को सुबह के 09 बजकर 02 मिनट तक रहने वाले हैं।
वहीं मार्च में दूसरी बार पंचक की शुरुआत बुधवार, 26 मार्च 2025 की दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से होगी। वहीं इनका समापन रविवार, 30 मार्च 2025 को दोपहर के 04 बजकर 37 मिनट पर होगा।
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नहीं किए जाते ये कार्य (Panchak dos and don'ts)
पंचक की अवधि में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नए काम की शुरुआत करना आदि नहीं किए जाते। साथ ही इस अवधि में पैसों से जुड़ा लेन-देन भी नहीं करना चाहिए। पंचक में दक्षिण दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता।
साथ ही इस चारपाई बनना, लकड़ी इकट्ठा करना या फिर मकान पर छत ढलवाने जैसे कार्य भी इस अवधि में नहीं किए जाते। कहा जाता है कि इन सभी कार्यों को पंचक में करने से व्यक्ति को बुरे परिणाम मिलने लगते हैं।
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क्या करना चाहिए
पंचक (Panchak March 2025) के दौरान बुरे प्रभावों से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इस दौरान तामसिक भोजन करने, नाखून और बाल काटने से बचना चाहिए। पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता, लेकिन अगर आपको किसी कारणवश इस दिशा में दक्षिण यात्रा करनी पड़ रही है, तो यात्रा शुरू करने से पहले किसी हनुमान मंदिर में जाएं और पूजा-अर्चना कर बजरंगबली को कुछ फल अर्पित करें।
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