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    सृष्टि के रचयिता 'ब्रह्मा जी' की वह एक भूल, जिसके कारण रह गए केवल 4 मुख

    By Suman SainiEdited By: Suman Saini
    Updated: Tue, 10 Mar 2026 01:00 PM (IST)

    ब्रह्मा जी सृष्टि के रचयिता होने के साथ-साथ त्रिदेवों में से भी एक हैं। आप सभी ने ब्रह्मा जी के 4 सिर के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं क ...और पढ़ें

    ब्रह्म जी को भारी पड़ी अपनी एक भूल (AI Generated Image)

    ब्रह्म जी को भारी पड़ी अपनी एक भूल (AI Generated Image)

    HighLights

    1. त्रिदेवों में से एक हैं सृष्टि के रचयिता ब्रह्म जी

    2. पूरे भारत में केवल एक ही मंदिर है स्थापित

    3. ब्रह्म जी को भारी पड़ी थी ये एक भूल

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धार्मिक ग्रंथों में ऐसी अनेक पौराणिक कथाएं मिलती हैं, जो मानवमात्र को प्रेरणा देने का काम करती हैं। वहीं कुछ कथाएं हैरात में भी डाल देती हैं। आज हम ब्रह्मा जी से जुड़ी एक पौराणिक कथा के बारे में जानेंगे, जिसमें यह बताया गया है कि किस प्रकार ब्रह्मा जी को अपनी एक भूल का इतना बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। चलिए जानते हैं इस अद्भुत कथा के बारे में।

    अपनी ही रचना पर मोहित हो गए ब्रह्मा

    शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, जब ब्रह्मा जी संसार की रचना कर रहे थे, तब उन्होंने एक अत्यंत सुंदर स्त्री की भी रचना की, जिसे सतरूपा नाम दिया। सतरूपा इतनी ज्यादा सुंदर थी कि स्वयं ब्रह्मा जी भी अपने आप को उसपर मोहित होने से रोक नहीं पाए। वह सतरूपा को टकटकी बांधकर निहारने लगे, जिससे वह विचलित हो गई और खुद को ब्रह्मा जी की दृष्टि से बचने का प्रयास करने लगी। लेकिन फिर भी ब्रह्मा जी उन्हें देखते रहे।

    Brahma Ji I

    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    भगवान शिव को आया क्रोध

    भगवान शिव भी यह सब देख रहे थे और वह ब्रह्मा जी के इस आचरण पर बहुत क्रोध हो गए। चूंकि सतरूपा ब्रह्मा जी की रचना थी, इसलिए वह उनकी पुत्री समान ही थी। इसलिए शिव जी को उनका यह कृत्य एक अपराध लगा। महादेव ने अपने क्रोध से भगवान भैरव को प्रकट किया और उन्हें ब्रह्मा जी को दंड देने का आदेश दिया। तब भैरव देव ने ब्रह्मा जी का पांचवां सिर काट दिया और उनके केवल 4 ही शीश शेष रह गए।

    Bhrahma story AI

    (AI Generated Image)

    ब्रह्मा जी को हुआ गलती का अहसास

    जब ब्रह्मा जी को अपने अपराध का बोध हुआ, तो उन्होंने महादेव से क्षमा याचना की। माना जाता है ब्रह्मा जी की इसी भूल के कारण भगवान शिव और श्रीहरि विष्णु की तरह व्यापक स्तर पर उनकी पूजा नहीं होती। साथ ही पूरे भारत में ब्रह्मा जी का केवल एक ही प्रमुख मंदिर है, जो राजस्थान के पुष्कर में है। हालांकि इससे संबंधित और भी कथाएं मिलती हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।