विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रामचरितमानस का यह अध्याय पढ़ने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से मिल सकती है राहत

Updated: Sat, 11 Jul 2026 03:00 PM (IST)

ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित राशियों को रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ करने से राहत मिल सकती है।

श्री हनुमान के भक्तों को शनिदेव कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। (Picture Credit- AI Generated)

श्री हनुमान के भक्तों को शनिदेव कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। (Picture Credit- AI Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्‍योतिष गणनाओं के आधार पर वर्तमान समय में मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है और सिंह एवं धनु राशि शनि की ढैय्या के प्रभाव में हैं। ऐसे में इन राशियों के जातकों को जीवन में बहुत सारे उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे होंगे। हालांकि, शनि देव न्‍याय और कर्म के देवता हैं, फिर भी उनके तेज और प्रभाव से लोगों के जीवन में उथल-पुथल तो मच ही जाती है।

शनि के प्रभाव को कम करने के लिए रोजाना रामचरितमानस के एक विशेष अध्‍याय का पाठ कर लिया जाए, तो बहुत फायदा मिलता है। चलिए हम आपको इसके बारे में बताते हैं।

रामचरितमानस का कौन सा अध्‍याय है शनि से भी प्रभावशाली?

रामचरितमानस के पांचवे अध्‍याय का यदि रोज पाठ किया जाए, तो शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से होने वाले कष्‍टों से मुक्ति मिल सकता है। यह अध्‍याय बहुत ही प्रभावशाली है। रामचरितमानस का पांचवां अध्‍याय सुंदरकांड है।

इस अध्याय में मुख्य रूप से श्री बजरंगबली हनुमान की महिमा के बारे में बताया गया है। शास्त्रों में वैसे भी बताया गया है कि श्री हनुमान के भक्तों को शनिदेव कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।

सुंदरकांड की कौन सी चौपाइयां शनि के प्रभाव से मुक्ति दिलाती हैं?

1- राम-राम तेहि सुमिरन कीन्हा। हृदयं हरष कपि सज्जन चीन्हा।।लागी सुनैं श्रवन मन लाई। आदिहु तें सब कथा सुनाई।।

लाभ- इस चौपाई में श्री हनुमान और विभीषण के मिलन का प्रसंग है। विभीषण लंका में रहकर भी राम नाम का जाप करते थे और उनके ऊपर कभी कोई मुसीबत नहीं आई, ठीक वैसे ही कठिन वक्‍त में सभी को राम का नाम लेना चाहिए। श्री हनुमान इससे प्रसन्‍न होते हैं और भक्‍त का भय और संकट दूर करते हैं।

2- हनुमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम।राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम।।

लाभ- इस चौपाई में बताया गया है कि भक्ति के साथ-साथ आपका समर्पण भगवान का मन मोह लेता है। ठीक इसी प्रकार से शनि देव कर्म के देवता हैं, काम के प्रति आपकी ईमानदारी और समर्पण उनका मन मोह लेता है और वे आपके जीवन से सारे कष्टों को मिटा देते हैं। इस चौपाई को यदि आप रोज दोहराएंगे, तो आपको जीवन में इसका प्रभाव भी नजर आएगा।

अत:यदि आप रोजाना रामचरितमानस की इन चौपाइयों को पढ़ेंगे और अच्छे कर्म, मेहनत और ईमानदारी का साथ नहीं छोड़ेंगे, ईश्वर पर विश्वास रखेंगे, तो शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से आपका जीवन कभी प्रभावित नहीं होगा।

यह भी पढ़ें- धर्म के नाम पर अहंकार नष्ट करती है आध्यात्मिक शक्ति: श्रीरामचरितमानस से समझें ईश्वर की एकता का सार

यह भी पढ़ें- रावण की हार का रहस्य: इतना शक्तिशाली होने के बाद भी श्री राम से क्यों पराजित हुआ लंकापति?

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।