3 राशियों पर चल रही है शनि की साढ़ेसाती, इन अचूक उपायों से तुरंत शांत होंगे कर्मफलदाता
इस समय मेष, मीन और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है, जिसमें प्रत्येक राशि अलग-अलग चरण में है। इसके बुरे प्रभावों को कम करने के लिए उपाय बताए गए हैं।

शनि की साढ़ेसाती से प्रभावित 3 राशियां (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में ग्रहों की चाल का व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। ये नौ ग्रह अलग-अलग तरह से हमारे ऊपर असर डालते हैं। खासकर शनि का हमारे जीवन पर गहरा असर पड़ता है और असर किसी पर साढ़े साती चल रही है, तो इसका और भी गहरा असर होता है।
अक्सर लोग शनि की 'साढ़ेसाती' का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं, लेकिन सच यह है कि शनि देव क्रूर नहीं, बल्कि हमारे कर्मों का हिसाब रखने वाले 'कर्मफलदाता' हैं। वे एक सख्त टीचर की तरह हमें सही रास्ते पर चलना सिखाते हैं। ऐसे में एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा से जानते हैं कि इस समय किन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है और इसके असर को कम करने के उपाय क्या हैं।
3 राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव
ग्रहों की चाल के अनुसार, इस समय तीन राशियां शनि देव के विशेष प्रभाव में हैं, हालांकि तीनों पर इसका चरण और असर अलग-अलग है:
- मेष राशि : इस राशि के जातकों पर अभी साढ़ेसाती का शुरुआती यानी पहला चरण चल रहा है।
- मीन राशि: ये जातक इस समय साढ़ेसाती के सबसे भारी और कठिन यानी दूसरे चरण का सामना कर रहे हैं। इन्हें इस समय धैर्य रखने की सबसे ज्यादा जरूरत है।
- कुंभ राशि : इन जातकों के लिए राहत की बात है क्योंकि इनका आखिरी और तीसरा चरण चल रहा है, जो इसकी विदाई का संकेत है।
साढ़ेसाती का प्रभाव कम करने के उपाय
साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव से बचने का सबसे बड़ा तरीका है, अपने कर्मों को शुद्ध, ईमानदार और अनुशासित रखना। इसके साथ ही शास्त्रों में कुछ बेहद सरल और असरदार उपाय बताए गए हैं:-
- बजरंगबली की आराधना: हर शनिवार को नियम से हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी की पूजा करने वालों को शनि देव कभी परेशान नहीं करते।
- पीपल के पेड़ के नीचे दीपदान: शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का एक चौमुखी दीपक जरूर जलाएं।
- जरूरतमंदों की मदद करें: समाज के जरूरतमंदों, असहायों या सफाई कर्मचारियों की अपनी सामर्थ्य के अनुसार मदद व दान करें। यह शनि देव को शांत करने का सबसे उत्तम तरीका है।
- रोजाना करें मंत्र जाप: मानसिक शांति और संकटों से मुक्ति के लिए रोज सुबह-शाम शनि देव के बीज मंत्र "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" का कम से कम 108 बार जाप जरूर करें।
