रोते बच्चे को मोबाइल नहीं, दें मंत्रों की शक्ति: बच्चों के लिए 5 सबसे सरल मंत्र और उन्हें सिखाने का सही तरीका
डिजिटल युग में बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए हिंदू मंत्रों का महत्व बताया गया है। पढ़ें 5 सरल मंत्रों और उन्हें बच्चों को सिखाने के तरीके। ...और पढ़ें

बच्चों के लिए 5 आसान मंत्र (Picture Credit AI- Generated Image)
HighLights
बच्चों को डिजिटल प्रभाव से बचाकर आंतरिक सद्भाव विकसित करें।
गायत्री, सरस्वती, गणेश मंत्र बौद्धिक विकास में सहायक होते हैं।
महामृत्युंजय और शांति मंत्र उत्तम स्वास्थ्य व शांति प्रदान करते हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जो तेजी से डिजिटल युग की ओर बढ़ रही है। इसका खास प्रभाव सबसे ज्यादा बच्चो में देखने को मिलता है। ज्यादातर मां-बाप अपने रोते हुए बच्चे को चुप कराने के लिए मोबाइल या टीवी थमा देते हैं, जिसके कारण उन बच्चों में मानसिक, शारीरिक विकास और एक्रागता में कमी देखने को मिलती है। इसलिए कई बार हमने देखा होगा कि, जब बच्चों से मोबाइल ले लिया जाए तो वो चिड़चिड़ा जाते हैं या रोने लगते हैं।
छोटे बच्चों के अंदर आंतरिक सद्भाव को विकसित करने का एक सबसे अद्भुत और आसान तरीका है हिंदू मंत्रों के जरिए से जो पवित्र होने के साथ सरल ध्वनियां शक्तिशाली कंपन और शाश्वत ज्ञान से भरे हैं।
हिंदू मंत्र क्या होते हैं?
हिंदू मंत्र एक पवित्र शब्द या अक्षर जो हिंदू धर्म में सदियों से अस्तित्व में है। हर मंत्र में अलग तरह की ऊर्जा होती है, जो मन, शरीर और आत्मा पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। इन मंत्रों को खासतौर से बच्चों को पढ़ाना चाहिए, ताकि उनका बौद्धिक विकास होने के साथ मानसिक क्षमता में वृद्धि हो सके।
बच्चों के लिए 5 सबसे आसान मंत्र
गायत्री मंत्र
ॐ भूर् भुवः स्वाहा तत् सवितुर वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
गायत्री मंत्र का उच्चारण करने से बच्चों में बुद्धि तेज होने के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा सक्रिय होती है।
सरस्वती वंदना
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणी
विद्यारंभं करिष्यामि सिद्धिर भवतु मे सदा
बच्चों को सरस्वती वंदना कराने से ज्ञान की देवी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो छात्रों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
शांति मंत्र
ॐ सहाना ववतु सहनौ भुनक्तु सहवीर्यं कराववहै
तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विशावहै ॐ शांति शांति शांति
शांति मंत्र का जाप करने से रिश्तों में सहयोग बढ़ने के साथ शांति में भी वृद्धि होती है।
गणेश मंत्र
ॐ गम गणपतये नमः
बच्चों को गणेश मंत्र का पाठ कराने से बाधा दूर होने के साथ उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है, जो उन्हें सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है।
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित सबसे खास मंत्रों में गिना जाता है, जिसे जीवन संजीवन मंत्र भी कहा जाता है। बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य और आरोग्य प्रदान करने के लिए इस मंत्र का पाठ करवाना चाहिए।
बच्चों को मंत्रों से कब और कैसे याद कराए
जब बच्चा 3-4 साल का हो जाए तो उनके साथ इन मंत्रों का दोहराव करना चाहिए।
रोजाना दिन के 5 मिनट बच्चों के साथ मंत्रों का जाप करना चाहिए।
बच्चों को सुलाने से पहले अच्छी नींद के लिए भी रात के वक्त इन मंत्रों को धीरे-धीरे बोलना चाहिए।
बच्चों के साथ मंत्रों को मनोरंजक तरीके से सिखाए। इसके लिए संगीत, दृश्य और आकर्षक वीडियो का इस्तेमाल करना चाहिए।
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