चमक उठेगी किस्मत! समाज में पद और प्रतिष्ठा पाने के लिए रोज करें सूर्य के इन प्रभावी मंत्रों का जाप
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को सफलता, पद-प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास का कारक माना गया है। सूर्य देव की पूजा से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। ...और पढ़ें

Surya Pujan Mantra: सूर्य देव के पूजन मंत्र। (Ai Generated Image)
HighLights
सूर्य देव की पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति होती है
सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना गया है
रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में सूर्य देव को 'साक्षात देवता' माना गया है, जिनके दर्शन हम रोजाना करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है और उनकी पूजा से व्यक्ति को मान-सम्मान, यश और सरकारी क्षेत्र में सफलता मिलती है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मजबूत हो, तो उसे समाज में ऊंचा पद और अपार प्रतिष्ठा मिलती है। वहीं, कमजोर सूर्य व्यक्ति को तरह की मुश्किलें में डालता है। इस दिन भगवान सूर्य के 108 नामों का जप परम कल्याणकारी माना गया है।
इन शक्तिशाली मंत्रों से होगा भाग्योदय
- सूर्य बीज मंत्र: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः'।
- सूर्य गायत्री मंत्र: 'ॐ आदित्याय विद्महे मार्तण्डाय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्'।
- एकाक्षर मंत्र: 'ॐ घृणि सूर्याय नमः'।
जाप करने की सही विधि
- सूर्य मंत्रों के जाप का सबसे अच्छा समय सूर्योदय का होता है।
- मंत्र जप से पहले तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- जप के समय कुश के आसन या लाल रंग के आसन का प्रयोग करें।
- मुख पूर्व दिशा की ओर रखें।
- मंत्रों का जप कम से कम 108 बार रुद्राक्ष की माला से करें।
- अंत में आरती करें।
।।सूर्य देव 108 नाम।।
1. ॐ नित्यानन्दाय नमः।
2. ॐ निखिलागमवेद्याय नमः।
3. ॐ दीप्तमूर्तये नमः।
4. ॐ सौख्यदायिने नमः।
5. ॐ श्रेयसे नमः।
6. ॐ श्रीमते नमः।
7. ॐ अं सुप्रसन्नाय नमः।
8. ॐ ऐं इष्टार्थदाय नमः।
9. ॐ सम्पत्कराय नमः।
10. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।
11. ॐ तेजोरूपाय नमः।
12. ॐ परेशाय नमः।
13. ॐ नारायणाय नमः।
14. ॐ कवये नमः।
15. ॐ सूर्याय नमः।
16. ॐ सकलजगतांपतये नमः।
17. ॐ सौख्यप्रदाय नमः।
18. ॐ आदिमध्यान्तरहिताय नमः।
19. ॐ भास्कराय नमः।
20. ॐ ग्रहाणांपतये नमः।
21. ॐ वरेण्याय नमः।
22. ॐ तरुणाय नमः।
23. ॐ परमात्मने नमः।
24. ॐ हरये नमः।
25. ॐ रवये नमः।
26. ॐ अहस्कराय नमः।
27. ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः।
28. ॐ अमरेशाय नमः।
29. ॐ अच्युताय नमः।
30. ॐ आत्मरूपिणे नमः।
31. ॐ अचिन्त्याय नमः।
32. ॐ अन्तर्बहिः प्रकाशाय नमः।
33. ॐ अब्जवल्लभाय नमः।
34. ॐ कमनीयकराय नमः।
35. ॐ असुरारये नमः।
36. ॐ उच्चस्थान समारूढरथस्थाय नमः।
37. ॐ जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जिताय नमः।
38. ॐ जगदानन्दहेतवे नमः।
39. ॐ जयिने नमः।
40. ॐ ओजस्कराय नमः।
41. ॐ भक्तवश्याय नमः।
42. ॐ दशदिक्संप्रकाशाय नमः।
43. ॐ शौरये नमः।
44. ॐ हरिदश्वाय नमः।
45. ॐ शर्वाय नमः।
46. ॐ ऐश्वर्यदाय नमः।
47. ॐ ब्रह्मणे नमः।
48. ॐ बृहते नमः।
49. ॐ घृणिभृते नमः।
50. ॐ गुणात्मने नमः।
51. ॐ सृष्टिस्थित्यन्तकारिणे नमः।
52. ॐ भगवते नमः।
53. ॐ एकाकिने नमः।
54. ॐ आर्तशरण्याय नमः।
55. ॐ अपवर्गप्रदाय नमः।
56. ॐ सत्यानन्दस्वरूपिणे नमः।
57. ॐ लूनिताखिलदैत्याय नमः।
58. ॐ खद्योताय नमः।
59. ॐ कनत्कनकभूषाय नमः।
60. ॐ घनाय नमः।
61. ॐ कान्तिदाय नमः।
62. ॐ शान्ताय नमः।
63. ॐ लुप्तदन्ताय नमः।
64. ॐ पुष्कराक्षाय नमः।
65. ॐ ऋक्षाधिनाथमित्राय नमः।
66. ॐ उज्ज्वलतेजसे नमः।
67. ॐ ऋकारमातृकावर्णरूपाय नमः।
68. ॐ नित्यस्तुत्याय नमः।
69. ॐ ऋजुस्वभावचित्ताय नमः।
70. ॐ ऋक्षचक्रचराय नमः।
71. ॐ रुग्घन्त्रे नमः।
72. ॐ ऋषिवन्द्याय नमः।
73. ॐ ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथये नमः।
74. ॐ जयाय नमः।
75. ॐ निर्जराय नमः।
76. ॐ वीराय नमः।
77. ॐ ऊर्जस्वलाय नमः।
78. ॐ हृषीकेशाय नमः।
79. ॐ उद्यत्किरणजालाय नमः।
80. ॐ विवस्वते नमः।
81. ॐ ऊर्ध्वगाय नमः।
82. ॐ उग्ररूपाय नमः।
83. ॐ उज्ज्वल नमः।
84. ॐ वासुदेवाय नमः।
85. ॐ वसवे नमः।
86. ॐ वसुप्रदाय नमः।
87. ॐ सुवर्चसे नमः।
88. ॐ सुशीलाय नमः।
89. ॐ सुप्रसन्नाय नमः।
90. ॐ ईशाय नमः।
91. ॐ वन्दनीयाय नमः।
92. ॐ इन्दिरामन्दिराप्ताय नमः।
93. ॐ भानवे नमः।
94. ॐ इन्द्राय नमः।
95. ॐ इज्याय नमः।
96. ॐ विश्वरूपाय नमः।
97. ॐ इनाय नमः।
98. ॐ अनन्ताय नमः।
99. ॐ अखिलज्ञाय नमः।
100. ॐ अच्युताय नमः।
101. ॐ अखिलागमवेदिने नमः।
102. ॐ आदिभूताय नमः।
103 ॐ आदित्याय नमः।
104. ॐ आर्तरक्षकाय नमः।
105. ॐ असमानबलाय नमः।
106. ॐ करुणारससिन्धवे नमः।
107. ॐ शरण्याय नमः।
108. ॐ अरुणाय नमः।
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