यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pradosh Vrat के दिन इन गलतियों से महादेव हो सकते हैं नाराज, यहां पढ़ें क्या करें और क्या न करें?
शिव पुराण में प्रदोष व्रत की महिमा का वर्णन देखने को मिलता है। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2024) किया जात ...और पढ़ें

HighLights
- प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है।
- इस व्रत को त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है।
- महादेव की पूजा संध्याकाल में होती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का अधिक महत्व है। प्रदोष व्रत के दिन महादेव की उपासना संध्याकाल में करने का विधान है। साथ ही विशेष चीजों के द्वारा भगवन शिव का अभिषेक किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष व्रत को विधिपूर्वक करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जातक के विवाह में आ रही बाधा दूर होती है। माना जाता है कि प्रदोष व्रत के दिन कुछ गलतियों को करने से जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में चलिए हम आपको इस लेख में बताएंगे कि प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat Ke Niyam) के दिन क्या करें और क्या न करें?
प्रदोष व्रत के दिन क्या करें
- प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवता के ध्यान से करें।
- सात्विक भोजन का सेवन करें।
- भगवान शिव का विशेष चीजों से अभिषेक करें।
- व्रत के नियम का पालन करें।
- मंदिर या गरीब लोगों में श्रद्धा अनुसार अन्न, धन और वस्त्र का दान करें।
- घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। गंगाजल का छिड़काव कर घर को शुद्ध करें।
- घर की उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान शिव और मां पार्वती की मूर्ति को स्थापित करें।
- शिव जी की पूजा में बेलपत्र, चंदन, धतूरा, भांग और गाय का कच्चा दूध शामिल करें।
- विधिपूर्वक भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करें। साथ ही शिव चालीसा और मंत्रों का जप करें।
यह भी पढ़ें: Pradosh Vrat 2025 List: साल 2025 में कब-कब है प्रदोष व्रत? यहां नोट करें सही डेट और पूरी लिस्ट
(21).jpg)
प्रदोष व्रत के दिन क्या न करें
- प्रदोष व्रत के दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें। साथ ही किसी के बारे में गलत न सोचें।
- भगवान शिव की पूजा थाली में केतकी के फूल और हल्दी को शामिल न करें।
- शिवलिंग पर टूटे हुए चावल अर्पित न करें।
- इसके अलावा प्याज, लहसुन और तामसिक चीजों के सेवन से दूर रहें।
- महिलाओं का अपमान करें। पक्षी-पक्षी को परेशान न करें।
महादेव की इस मुहूर्त में करें पूजा
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 नवंबर को सुबह 06 बजकर 23 मिनट पर शुरू होगी। इसके अगले दिन यानी 29 नवंबर को सुबह 08 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार 28 नवंबर (Pradosh Vrat 2024 Date) को मार्गशीर्ष माह का पहला प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त शाम को 05 बजकर 24 मिनट से लेकर 08 बजकर 06 मिनट तक है।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें: Guru Pradosh Vrat 2024: गुरु प्रदोष व्रत पर इन चीजों से करें भगवान शिव का अभिषेक, धन की समस्या होगी दूर
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।