Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत पर करें शिव जी के इन नामों का जप, जानें पूजा की सही विधि
प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित एक शुभ व्रत है, जो कष्टों को दूर कर अच्छी सेहत प्रदान करता है। ...और पढ़ें

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत के नियम। (Ai Generated Image)
HighLights
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत ज्यादा महत्व है
यह भगवान शिव को समर्पित है
इस दिन व्रत और पूजा-पाठ का विधान है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को कष्टों को हरने वाला और अच्छी सेहत देने वाला सबसे शुभ व्रत माना गया है। यह भगवान शिव को समर्पित एक पावन व्रत है। इस दिन (Pradosh Vrat 2026) पूजा-पाठ और व्रत का विधान है। सोम प्रदोष का व्रत न केवल भगवान शिव की कृपा दिलाता है, बल्कि कुंडली से चंद्र दोष को भी शांत करता है। अगर आप या आपके परिवार में कोई लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहा है, या आप मानसिक शांति और अच्छी सेहत की कामना रखते हैं, तो प्रदोष काल में शिव जी के 108 नामों का जप जरूर करें, जो इस प्रकार हैं -

पूजा विधि (Pradosh Vrat 2026 Puja Rituals)
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
- हाथ में थोड़ा जल, अक्षतऔर पुष्प लेकर संकल्प करें।
- सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें, क्योंकि हर पूजा की शुरुआत उन्हीं से होती है।
- पंचामृत से शिव जी का अभिषेक करें।
- अंत में फिर से शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं।
- अभिषेक करते समय "ॐ नमः शिवाय" का जप करते रहें।
- सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
- तीन दल वाला बिल्व पत्र चढ़ाएं।
- उस पर चंदन से 'राम' या 'ॐ' लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
- साबुत चावल और सफेद फूल, धतूरा, आक आदि भी चढ़ाएं।
- धूप दिखाएं और घी का दीपक जलाएं।
- शिव जी को ऋतु फल, मेवे या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं।
- अंत में आरती करके पूजा में हुई सभी गलती के लिए माफी मांगे।
।।भगवान शिव के 108 नाम।।
ॐ महाकाल नमः
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