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    Pradosh Vrat 2026: कब है मार्च का दूसरा प्रदोष व्रत? यहां जानें शिव जी की कृपा प्राप्ति के उपाय

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 02:34 PM (IST)

    प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा के लिए एक उत्तम तिथि मानी गई है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि मार्च का दूसरा प्रदोष व्रत कब किया जाएगा। ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026 (AI Generated Image)

    Pradosh Vrat 2026 (AI Generated Image)

    HighLights

    1. शिव जी की कृपा प्राप्त करने के लिए खास है प्रदोष व्रत

    2. प्रदोष काल में की जाती है प्रदोष व्रत की पूजा-अर्चना

    3. इस दिन तामसिक भोजन, क्रोध और काले वस्त्रों से बचें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से साधक को मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। हर माह में आने वाली त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। इस प्रकार हर माह में 2 बार यानी कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है।

    प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Muhurat)

    चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 30 मार्च को सुबह 7 बजकर 9 मिनट पर शुरु हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 31 मार्च को सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर होगा। ऐसे में प्रदोष व्रत सोमवार 30 मार्च को किया जाएगा। जब प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ता है, तो इसे 'सोम प्रदोष व्रत' कहा जाता है। इस दिन पर शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहेगा -

    सोम प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त - शाम 6 बजकर 38 मिनट से रात 8 बजकर 57 मिनट तक

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    (AI Generated Image)

    शिव जी के मंत्र -

    प्रदोष व्रत के दिन आपको श्रद्धापूर्वक शिव जी के मंत्रों का जप करना चाहिए। इससे आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।

    1. ॐ नमः शिवाय

    2. ॐ नमो भगवते रूद्राय

    3. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात

    4. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
    उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्

    5. कर्पूरगौरं करुणावतारं
    संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।
    सदावसन्तं हृदयारविन्दे
    भवं भवानीसहितं नमामि

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    जरूर करें ये काम

    सोम प्रदोष व्रत के दिन आप पूजा के बाद गरीबों को अपनी क्षमता के अनुसार, अन्न या धन का दान करना चाहिए। साथ ही आप इस दिन को हरा चारा भी खिल सकते हैं, जो अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर आप अपने किसी विशेष कार्य की सफलता पाना चाहते हैं, तो इसके लिए सोम प्रदोष व्रत के दिन दूध में थोड़ा-सा केसर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। दूध अर्पित करते समय मन ही मन 'ऊँ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते रहें। ऐसा करने से आपको उस कार्य में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

    बरतें ये सावधानियां

    • प्रदोष व्रत के दिन तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन और मांस-मदिरा से दूरी बनाएं।
    • शिव जी की पूजा में केतकी का फूल या तुलसी अर्पित न करें।
    • क्रोध, झूठ या किसी का अपमान करने से दूर रहें।
    • प्रदोष व्रत के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
    • पूजा में काले रंग के पड़े पहनने से बचें। इसके स्थान पर सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।