कुंडली में है विवाह दोष तो प्रदोष व्रत के दिन बस कर लें ये उपाय, जल्द गूंजेगी शहनाई
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को मनोकामना पूर्ति और भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। ...और पढ़ें

Pradosh Vrat 2026: शादी के उपाय। (Ai Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को मनोकामना पूर्ति के लिए बहुत शुभ माना गया है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। अगर किसी जातक की कुंडली में विवाह दोष, मांगलिक दोष या ग्रहों के अशुभ प्रभाव की वजह से शादी में लगातार देरी हो रही है, तो प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) के विशेष उपाय भाग्य के बंद दरवाजे खोल सकते हैं। आइए इन चमत्कारी उपायों को जानते हैं।
शीघ्र विवाह के लिए उपाय
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मां गौरी का शृंगार करें
पूजा के दौरान माता पार्वती को लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां और मेहंदी सहित 16 शृंगार की सामग्री अर्पित करें। ऐसा करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है और विवाह से जुड़ी मुश्किलें दूर होती हैं।
केसर मिश्रित दूध से अभिषेक
प्रदोष काल में शिवलिंग पर केसर मिश्रित गाय का कच्चा दूध चढ़ाएं। दूध चढ़ाते समय "ॐ गौरीशंकराय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष फलदायी है, जिनकी शादी में मंगल या शनि की दृष्टि के कारण देरी हो रही है।
पीले फूलों और वस्त्रों का दान
विवाह के कारक ग्रह बृहस्पति है। ऐसे में उन्हें प्रसन्न करने के लिए महादेव और माता गौरी को पीले फूल अर्पित करें। पूजा के बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले वस्त्र या चने की दाल का दान करें। इससे जल्द विवाह के योग बनेंगे।
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पूजन विधि
प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी स्नान करें। साफ वस्त्र पहनें। पूरे दिन सात्विक रहें और मन में महादेव के मंत्रों का जप करते रहें। मुख्य पूजा प्रदोष काल में ही करें। शिवलिंग पर बिल्व पत्र, धतूरा और अक्षत चढ़ाएं और माता पार्वती के चरणों में हल्दी का तिलक लगाएं। अंत में आरती करें। ऐसा करने से शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त होगी।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया
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