Aaj Ka Panchang 30 March 2026: सोम प्रदोष व्रत के दिन बन रहे ये मंगलकारी योग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
Aaj ka Panchang 30 मार्च 2026 के अनुसार, आज चैत्र माह का आखिरी प्रदोष व्रत किया जा रहा है। आइए पढ़ते हैं आज का पंचांग। ...और पढ़ें

Aaj ka Panchan 30 March 2026: कौन-से बन रहे शुभ योग (AI Generated Image)
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज यानी 30 मार्च को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इस तिथि पर कामदा एकादशी व्रत का पारण किया जाता है। द्वादशी प्रातः 07 बजकर 09 मिनट तक है। फिर त्रयोदशी तिथि की शुरुआत होगी। ऐसे में आज सोम प्रदोष व्रत (Som Pradosh Vrat 2026) किया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को सभी भय से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही महादेव की कृपा प्राप्त होती है। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यस्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 30 March 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

तिथि: शुक्ल द्वादशी
मास: चैत्र
दिन: सोमवार
संवत्: 2083
तिथि: शुक्ल द्वादशी – प्रातः 07 बजकर 09 मिनट तक, फिर त्रयोदशी
योग: शूल – सायं 04 बजकर 51 मिनट तक
करण: बालव – प्रातः 07 बजकर 09 मिनट तक
करण: कौलव – सायं 06 बजकर 59 मिनट तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 14 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 38 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: सायं 03 बजकर 16 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: प्रातः 05:00 बजे (31 मार्च)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: मीन राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: कर्क राशि में
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक
अमृत काल: दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 07 बजकर 47 मिनट से प्रातः 09 बजकर 20 मिनट तक
गुलिकाल: दोपहर 01 बजकर 59 मिनट से सायं 03 बजकर 32 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 10 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक
खबरें और भी
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव मघा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
मघा नक्षत्र: सायं 02 बजकर 48 मिनट तक
स्थान: 0° सिंह राशि से 13°20’ सिंह राशि तक
नक्षत्र स्वामी: केतु
राशि स्वामी: सूर्यदेव
देवता: पितर (पूर्वज)
प्रतीक: शाही सिंहासन
सामान्य विशेषताएं: रूढ़िवादी, अधिकारप्रिय, उदार, शाही व्यवहार, साहसी, मेहनती, स्पष्टवादी, विलासिता प्रेमी, कामुक, कभी-कभी क्रोधी और भावुक।
आज सोम प्रदोष व्रत है
सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष) 2026
प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 06 बजकर 38 मिनट से रात 08 बजकर 57 मिनट तक
अवधि: 02 घंटे 19 मिनट
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 30 मार्च, 2026 को सुबह 07 बजकर 09 मिनट तक
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 31 मार्च, 2026 को सुबह 06 बजकर 55 मिनट तक
प्रत्येक मास के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखने का विधान है। जब यह तिथि सूर्यास्त के पश्चात प्रदोष काल के समय आती है, तब भगवान शिव की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोम प्रदोष कहा जाता है, जिसे महादेव की प्रसन्नता प्राप्त करने का उत्तम मार्ग माना गया है। यह उपवास न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि घर-परिवार में खुशहाली और वैवाहिक जीवन में मधुरता भी लाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में चंद्रमा की स्थिति को अनुकूल बनाने और उससे संबंधित दोषों के निवारण के लिए यह व्रत अत्यंत प्रभावशाली है। इस दिन एक निर्धन ब्राह्मणी और उसके पुत्र की कथा का श्रवण करना शुभ माना जाता है। सच्ची निष्ठा के साथ की गई पूजा से जीवन में आपसी तालमेल बढ़ता है और तनाव से मुक्ति मिलती है। भक्तजन बड़ी सहजता के साथ इस पावन दिन पर शिव भक्ति में लीन रहते हैं।
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