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    Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत पर शिव और सिद्ध योग समेत बन रहे हैं कई अद्भुत संयोग, खुशियों से भर जाएगा जीवन

    Updated: Sun, 08 Mar 2026 02:30 PM (IST)

    प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026 Date) का फल दिन अनुसार मिलता है। सोम प्रदोष व्रत करने से मनचाही मुराद पूरी होती है। ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026 Date: प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    Pradosh Vrat 2026 Date: प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, सोमवार 16 मार्च चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत है। यह पर्व प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर सृष्टि के रचयिता भगवान शिव और आराध्या जगत की देवी मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त प्रदोष व्रत रखा जाता है।

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    ज्योतिषियों की मानें तो शिव और सिद्ध योग कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाएंगे। साथ ही घर में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली आती है। आइए, प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-

    प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Shubh Muhurat)

    चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 16 मार्च को सुबह 09 बजकर 40 मिनट पर होगी। वहीं, 17 मार्च को सुबह 09 बजकर 23 मिनट पर त्रयोदशी तिथि का समापन होगा।

    प्रदोष व्रत पूजा समय

    त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए 16 मार्च को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में पूजा का शुभ समय संध्याकाल 06 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 54 मिनट तक है।

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    प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026 Kab Hai)

    त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इसके लिए प्रदोष व्रत के दिन संध्या बेला (प्रदोष काल) का मुहूर्त देखा जाता है। सूर्यास्त होने के साथ ही प्रदोष काल शुरू होता है। प्रदोष बेला भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा के लिए मंगलकारी माना जाता है।

    इस प्रकार 16 मार्च को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। सोमवार के दिन पड़ने के चलते यह सोम प्रदोष व्रत कहलाएगा। सोम प्रदोष व्रत पर पूजा के लिए शुभ समय शाम 06 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 54 मिनट तक है।

    शिव योग

    चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शिव योग का संयोग बन रहा है। इस योग का संयोग सुबह 09 बजकर 37 मिनट तक है। ज्योतिष शिव योग को मानते हैं। इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में अपार वृद्धि होगी।

    सिद्ध योग

    चैत्र माह के पहले प्रदोष व्रत पर सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। इस योग का संयोग सुबह 09 बजकर 38 मिनट से हो रहा है। इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से सकल मनोरथ सिद्ध होंगे।


    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 30 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 54 मिनट से 05 बजकर 42 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 27 मिनट से लेकर 06 बजकर 52 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।