प्रेमानंद महाराज ने बताया भगवान शिव का वह खास मंत्र, जिसका बिना गुरु के कहीं भी कर सकते हैं जाप
भगवान शिव का एक ऐसा सरल मंत्र है 'साम्ब सदाशिव', जिसका जाप बिना गुरु के कभी भी, कहीं भी किया ...और पढ़ें
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भगवान शिव और शक्ति से जुड़ा मंत्र (Picture Credits- AI Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भगवान शिव जिन्हें सृष्टि की उत्पत्ति और संहार का आधिपति कहा गया है। हिंदू दर्शन में शिव को शांत, सौम्य, अनुशासन और गंभीर प्रवृत्ति का ईश्वर बताया गया है। शास्त्रों में साफ-साफ कहा गया है कि, शिव को मानने वाले, उनके प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं में भी धीरे-धीरे भगवान शिव के यही गुण आ जाते हैं।
भगवान शिव को मनुष्य अपनी सुविधा के अनुसार पूजता है। कोई उनकी विशेष पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और आरती करता है, तो कुछ लोग बस एक लोटा जल और शिव से जुड़े साधारण से मंत्रों का जाप कर उनकी पूजा का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।
शिव का बेहद सरल मंत्र
हालांकि शिव भक्ति के कई अन्य तरीके भी हैं। जिसमें श्रावण भक्ति से लेकर मंत्र और नाम जाप शामिल हैं। हिंदू शास्त्रों के मुताबिक, किसी भी मंत्र को जाप करने के नियम होते हैं। इन नियमों में स्वच्छता और पवित्रता का विशेष ध्यान दिया जाता है।
इसके अलावा गुरु के मार्गदर्शन के बिना किसी भी मंत्र का जाप करने से बचना चाहिए। लेकिन भगवान शिव का एक ऐसा भी मंत्र है जिसका जाप आप कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं। इस मंत्र के बारे में खुद प्रेमानंद महाराज ने भी अपने भक्तों को बताया है।
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नियमित पूजा में इस शिव मंत्र का करें जाप
अगर आप भी बिना गुरु के एक ऐसे मंत्र की तलाश कर रहे हैं, जो भगवान शिव को प्रसन्न करने के साथ आपकी नियमित पूजा को सफल बनाए तो इन दो पवित्र नामों से शुरुआत करना अत्यधिक शुभ रहेगा।
साम्ब सदाशिव ॥
साम्ब सदाशिव।
साम्ब का अर्थ- मां पार्वती के साथ भगवान शिव का आह्वान, जबकि 'सदाशिव' महादेव के शाश्वत, मंगलकारी और कल्याणकारी स्वरूप को दर्शाता है।
इसलिए जब हम 'साम्ब सदाशिव' मंत्र का जाप करते हैं, तो शिव और शक्ति दोनों को एक साथ याद करते हैं, जो एक-दूसरे से कभी भी अलग न होने वाले तत्व हैं।
यह वह नाम-जप भी है, जिसके बारे में कई बार प्रेमानंद महाराज जी ने अपने प्रवचनों में भक्तों को बताया है। इस मंत्र का जाप करने से डर, परेशानी, मानसिक तनाव और आंतरिक अशांति की समस्या हल होती है।
इस मंत्र का जाप करने के लिए आपको बस शांति से किसी एकांत स्थान पर बैठ जाना है और आंखें बंद करके लगातार इन मंत्रों का जाप करना है।
साम्ब सदाशिव।
साम्ब सदाशिव।
साम्ब सदाशिव।
यह मंत्र 'साम्ब-सदाशिव' अक्षरमाला स्तुति में देखने को मिलता है, जिसे पारंपरिक रूप से भगवान शिव के महानतम भक्तों में से एक, आदि शंकराचार्य द्वारा रचित किया गया था।
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