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राधा अष्टमी 2026 से पहले जानिए किशोरी जी का सबसे पसंदीदा भोग क्या है?

Published: Mon, 06 Jul 2026 12:00 PM (IST)Updated: Wed, 09 Sep 2026 12:32 PM (IST)

शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, राधारानी कुछ खास तरह के व्यंजन अत्यंत प्रिय हैं। राधा अष्टमी के अलावा आप ...और पढ़ें

लाडली जू को भोग में कौन-कौन सी चीजें प्रिय हैं? (Picture Credit: AI Generated)

लाडली जू को भोग में कौन-कौन सी चीजें प्रिय हैं? (Picture Credit: AI Generated) 

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ब्रज धाम की अधिष्ठात्री देवी और प्रेम की साक्षात मूरत कही जाने वाली श्रीराधारानी का नाम सुनते ही मन अत्यंत भक्ति और श्रद्धा से भर जाता है। सनातन धर्म में भगवान को असीम श्रद्धा भाव और प्यार के साथ भोग (प्रसाद) अर्पित करने की पवित्र प्राचीन परंपरा रही है, और बात जब सबकी प्यारी लाडली जू की आती है, उनके प्रिय भोग का अत्यंत महत्व होता है। आखिर राधारानी को खाने में सबसे प्रिय क्या है? आइए जानते हैं।

शास्त्रों और ब्रज की लोक मान्यताओं के मुताबिक, जिस प्रकार भगवान कृष्ण को भोग में माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय है, उसी तरह राधा रानी को भोग के रूप में कई चीजें पसंद हैं।

राधारानी को इन चीजों को भोग अत्यंत प्रिय?

राधा अष्टमी या किसी खास मौके पर बरसाना और वृंदावन के मंदिरों में राधा रानी को दही अरबी की सब्जी भोग के रूप में अर्पित की जाती है। उबली हुई अरबी को मसालेदार दही में पकाकर राधारानी को इसका भोग लगाया जाता है।

इसके अलावा उन्हें मालपुआ, मलाईदार खीर, मक्खन, पंचामतृ और फल और सात्त्विक भोग अत्यंत प्रिय लगता है। कुछ मौकों पर राधा रानी को मीठे पान के बीड़ा का भी भोग लगाया जाता है।

radha rani bhog

किन चीजों को भोग लगाने से बचने चाहिए?

  • राधा रानी को कुछ खास वस्तुओं का भोग लगाने से बचना चाहिए। इनमें -
  • जामुन का भोग
  • गाजर या उससे बने व्यंजन
  • गोंद के लड्डू का भोग
  • मसरूम या मसूर की दाल का भोग
  • मूली या उससे बनी चीजें भी भोग में नहीं लगाए।
  • प्याज-लहसुन युक्त प्रसाद भी अर्पित करने से बचना चाहिए।

लाडली जू सच्ची सेवा की प्रतीक

राधा रानी का भोग सिर्फ एक भोजन नहीं है, बल्कि यह भक्तों का लाडली जू के प्रति समर्पण, प्यार और सेवा भाव का प्रतीक है। उनकी पूजा या उनपर विश्वास करने वाले भक्तों को इन नियमों का खास ध्यान रखना चाहिए।

हालांकि राधारानी इन सबसे भी अधिक भक्तों की सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास को महत्व देती हैं। माना जाता है कि, सच्चे मन से आप उन्हें जो सात्त्विक भोजन देंगे, लाडली जू उसे स्वीकार करेगी। ब्रज और उसके आसपास के क्षेत्रों में राधा रानी को प्यार से लाडली जू के नाम से पुकारा जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।