यात्रा से पहले जरूर पढ़ें श्री रामचरितमानस की यह चौपाई, हर काम में मिलेगी सफलता
यात्रा पर निकलने से पहले श्री रामचरितमानस की एक चौपाई का पाठ करने से सफलता मिलती है और यात्रा भयमुक्त व सुरक्षित होती है। यह चौपाई लंका कांड में वर्णित है और यात्रा के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक मानी जाती है।

यात्रा से पहले पढ़ें रामचरितमानस की यह चौपाई हर काम में मिलेगी सफलता (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हम जब भी किसी यात्रा पर निकलते हैं दिमाग में कई विचार आते हैं जैसे- कोई बड़ी समस्या सामने न आ जाए? कहीं आपकी गाड़ी न खराब हो जाए?
ऐसे विचार हम सभी के मन में आना एक आम बात है। यही नहीं कई बार हम ऐसी खबरें भी पढ़ते हैं जो ट्रेवल को लेकर मन में डर पैदा कर देती हैं। ऐसे में हमें बस यही लगता है कि जहां भी जा रहे हैं बस सुरक्षित पहुंच जाएं।
किसी भी यात्रा के लिए हम कई तरह की योजनाएं बनाते हैं और पूरी तैयारी भी करते हैं, लेकिन कभी न कभी कोई छोटी या बड़ी बाधा आ ही जाती है।
अगर आप किसी भी यात्रा से पहले श्री रामचरितमानस में लिखी बस एक चौपाई का पाठ कर लें, तो आपको अपने काम में सफलता मिल सकती है और यही नहीं यात्रा को लेकर किसी भी तरह का भय भी दूर हो सकता है।
यात्रा से पहले श्री रामचरितमानस की कौन सी चौपाई पढ़ें?
श्री रामचरितमानस की एक चौपाई है जो लंका काण्ड में आती है और इसे यदि आप किसी भी यात्रा की शुरुआत करने से पहले पढ़ते हैं तो आपको यात्रा में सफलता मिलती है और आप जिस भी काम के लिए जा रहे हैं उसमें भी अवश्य सफलता के योग बनते हैं।
चौपाई: चलत बिमान कोलाहल होई। जय रघुबीर कहइ सबु कोई
सिंहासन अति उच्च मनोहर। श्री समेत प्रभु बैठे ता पर॥
भावार्थ: इस चौपाई का शाब्दिक अर्थ यह है कि जिस समय प्रभु श्री राम लंका और रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद वापस अयोध्या के लिए प्रस्थान करते हैं उस समय वो पुष्पक विमान पर माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ बैठते हैं।
उस विमान के चलने से बड़ा शोर होने लगता है। चारों ओर आनंदित होकर लोग 'जय रघुबीर' का घोष करने लगते हैं। उस विमान का सिंघासन बहुत सुंदर और ऊंचा है, जिस पर सीताजी सहित प्रभु श्रीराम विराजमान हैं। यहां श्री का मतलब सीता जी से है क्योंकि उन्हें माता लक्ष्मी का ही अवतार माना गया है।
'चलत बिमान कोलाहल होई'...चौपाई का महत्व क्या है?
ऐसा माना जाता है कि जब भी आप यात्रा पर जाने से पहले इस चौपाई का पाठ कर लेते हैं तो उस यात्रा में आने वाली कोई भी बाधा दूर हो सकती है।
इस चौपाई को स्मरण करने से और प्रभु श्री राम का ध्यान करने से आप जिस यात्रा के लिए जा रहे हैं या किसी भी मनोकामना से जा रहे हैं तो उसके पूरे होने के योग बनते हैं।
यह चौपाई रास्ते में किसी भी एक्सीडेंट या अनहोनी से आपको बचाती है और बड़े से बड़े संकट को भी दूर करके बाहर निकलने में मदद करती है।
आप जब भी किसी यात्रा पर निकलें रामचरितमानस के लंकाकाण्ड की इस चौपाई का पाठ जरूर करें। यह आपके लिए विशेष रूप से फलदायी हो सकती है।
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